Thursday , 8 October 2026

आकाशवाणी भवन में एंट्री से बढ़ी राहुल-प्रियंका की मुश्किलें! FIR दर्ज, जानिए पुलिस ने क्या लगाए आरोप

नेशनल डेस्क: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामला 6 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके साथ मौजूद नेताओं व समर्थकों ने बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया और वहां धरने पर बैठ गए।

संसद से चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश

6 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के सांसदों और नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। विपक्ष का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर था।

विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए लगातार विरोध कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मार्च के लिए नई दिल्ली जिले के डीसीपी कार्यालय में अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया था। पुलिस ने यह भी कहा कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे।

राहुल-प्रियंका समेत नेता आकाशवाणी भवन में बैठे

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत कुछ कांग्रेस नेता और समर्थक आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। यहां नेताओं ने कई घंटे तक धरना दिया।

पुलिस के मुताबिक, आकाशवाणी भवन के कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश भी की, जिसके बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता परिसर के अंदर चले गए।

धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि जब तक सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया जाता, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे।

बिना अनुमति परिसर में प्रवेश का आरोप

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थक और अन्य सांसद बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए और वहां धरने पर बैठ गए।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े और बैरिकेड पार करने की कोशिश की।

करीब 260 लोगों को लिया गया था हिरासत में

मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें इंडिया ब्लॉक के करीब 10 सांसद भी शामिल थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटे तक गतिरोध बना रहा।

बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को भी वहां से हटाकर हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।

एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर टकराव

पूरे विवाद की जड़ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के आरोप हैं। राहुल गांधी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।

कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि उसे विपक्षी दलों की ओर से औपचारिक मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।

अब एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मामला राजनीतिक टकराव को और बढ़ा सकता है। पुलिस का पक्ष बिना अनुमति सरकारी परिसर में प्रवेश और प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन करने से जुड़ा है, जबकि विपक्ष इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़कर देख रहा है।

 

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