Wednesday , 28 October 2026

आकाश अग्रवाल का बड़ा बयान, बोले- जीत का अंतर कम होता तो आगरा में भी गोरखपुर जैसे लगते आरोप

यूपी डेस्क: आगरा में शिक्षक स्नातक एमएलसी चुनाव जीतने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना और चुनावी विवादों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी जीत का अंतर करीब तीन से साढ़े तीन हजार वोटों का रहा। यदि यह अंतर केवल 300-400 वोटों का होता, तो आगरा में भी गोरखपुर की तरह आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन सकती थी। उन्होंने दावा किया कि अधिक अंतर से जीत मिलने के कारण उन्हें राहत मिली है। प्रमाण-पत्र मिलने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने मतगणना की प्रक्रिया और चुनाव के दौरान हुए विवादों पर भी अपनी बात रखी।

मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग को बताया सबूत

डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि मतगणना निष्पक्ष तरीके से हुई और पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ मतों को निरस्त करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने प्रत्येक वोट को लेकर विवाद नहीं किया। उनके मुताबिक, 10, 20 या 50 वोटों के अंतर को लेकर उन्होंने विशेष चिंता नहीं जताई।

चुनाव के दौरान मारपीट और विवाद के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मतगणना कक्ष की वीडियो रिकॉर्डिंग से स्पष्ट हो जाएगा कि झगड़े की शुरुआत किसने की और घटनाक्रम किस तरह हुआ। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग से यह भी सामने आ सकता है कि किस पक्ष की ओर से क्या किया गया।

भाजपा के आरोपों पर आकाश अग्रवाल ने दिया जवाब

भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी की ओर से सपा पर गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों को साथ लाने तथा दबंगई करने के आरोपों पर आकाश अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिसंबर 2020 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा के तत्कालीन प्रत्याशी ने उन पर मंडलायुक्त को खरीदने और मतदान में हेराफेरी कराने के आरोप लगाए थे।

आकाश अग्रवाल ने कहा कि भाजपा का कोई प्रत्याशी क्या आरोप लगाता है, इस पर वह कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने चुनाव के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अपना पक्ष रखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण बताया।

धर्म परिवर्तन के बयान पर बताई वजह

चुनाव के दौरान धर्म परिवर्तन करने का एलान करने के सवाल पर आकाश अग्रवाल ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि उत्तर प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है। उनके अनुसार, सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त है, अनुशासन के साथ काम करती है और रामराज्य स्थापित करना चाहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके प्रबंधक साथियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को डराया-धमकाया गया तथा बूथ कैप्चरिंग की गई। आकाश अग्रवाल ने कहा कि इन घटनाओं से सरकार के प्रति उनके मन में बनी धारणा को ठेस पहुंची और वह मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि भावावेश में उन्होंने धर्म परिवर्तन का बयान दिया था।

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग की शिकायत लेकर कमिश्नरी पहुंचे आकाश अग्रवाल भावुक हो गए थे और उन्होंने धर्म परिवर्तन करने का एलान किया था।

वैश्य समाज को लेकर भी रखी अपनी बात

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के वैश्य समाज से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आकाश अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज अपनी मेहनत और पुरुषार्थ के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस समाज की पहचान व्यापार, परिश्रम और देश के लिए योगदान से जुड़ी रही है।

आकाश अग्रवाल ने भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए संपत्ति दान करने की परंपरा वैश्य समाज की विरासत का हिस्सा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में संचालित धर्मशालाओं और अस्पतालों में वैश्य समाज का बड़ा योगदान है। उनके मुताबिक, वैश्य समाज से जुड़े होने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है।

नौकरियों और संपत्ति को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

आकाश अग्रवाल ने प्रदेश में रोजगार और राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों की नौकरियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल पहले विधायक बने कुछ नेताओं की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने गोवा में करोड़ों रुपये के होटल होने का दावा करते हुए कुछ मंत्रियों पर निशाना साधा।

उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में कितने परिवारों के एक सदस्य को नौकरी मिली है। आकाश अग्रवाल ने दावा किया कि कुछ परिवारों में चार-चार लोगों को अच्छी नौकरी मिली है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिल रही है।

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