Wednesday , 4 November 2026

उत्तराखंड में विदेशी आशिकों के नाम पर साइबर ठगी का जाल, प्यार और महंगे गिफ्ट का झांसा देकर महिलाओं से ऐंठे 13.79 लाख रुपये

हल्द्वानी: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में साइबर ठगों ने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए प्यार और दोस्ती का जाल बिछाया है। ठग इंटरनेट मीडिया पर विदेशी नागरिक बनकर महिलाओं से संपर्क करते हैं। पहले दोस्ती और फिर प्रेम संबंध का भरोसा दिलाते हैं। इसके बाद विदेश से महंगे उपहार और सोना भेजने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। कुछ समय बाद पार्सल में मादक पदार्थ मिलने या सीमा शुल्क विभाग की कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूल ली जाती है। जिले में सामने आए ऐसे चार मामलों में महिलाओं से कुल 13.79 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।

हाल ही में काठगोदाम क्षेत्र में योग की कक्षाएं चलाने वाली एक महिला को ठगों ने इसी तरीके से निशाना बनाया। बातचीत के दौरान उसे विदेश से महंगा उपहार भेजने का भरोसा दिया गया। कुछ समय बाद महिला के पास कथित तौर पर एयरपोर्ट से फोन आया कि उसके पार्सल में मादक पदार्थ मिला है। कार्रवाई का डर दिखाकर उससे करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए गए।

किसी से 49 हजार तो किसी से 8.60 लाख रुपये की ठगी

ठगी का एक मामला रामनगर की महिला से जुड़ा है। उसे विदेश से महंगा उपहार भेजने का झांसा देकर 1.20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। वहीं, मुखानी क्षेत्र में रहने वाली एक मिस्त्री की पत्नी को भी इसी तरह जाल में फंसाया गया और उससे 49 हजार रुपये ठग लिए गए।

चौथे मामले में काठगोदाम की एक महिला को ठगों ने सीबीआई और सीमा शुल्क विभाग का अधिकारी बनकर फोन किया। उसे जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसके बाद महिला से 8.60 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इस तरह चारों मामलों में ठगी की कुल रकम 13.79 लाख रुपये तक पहुंच गई।

कैटफिशिंग और पिग बुचरिंग के जरिए चल रहा ठगी का खेल

रोमांस स्कैम में साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। इनमें कैटफिशिंग और पिग बुचरिंग प्रमुख हैं। ठग इंटरनेट मीडिया और वैवाहिक परिचय कराने वाली वेबसाइटों पर विदेशी नागरिकों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद महिलाओं से लगातार बातचीत कर भावनात्मक रिश्ता कायम करते हैं।

फर्जी पहचान के जरिए किसी व्यक्ति का भरोसा जीतने की इस प्रक्रिया को कैटफिशिंग कहा जाता है। जब ठग इसी भरोसे का फायदा उठाकर निवेश या दूसरे बहानों से बड़ी रकम वसूलते हैं, तो इसे पिग बुचरिंग कहा जाता है। कुछ मामलों में ठग निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए पीड़ितों को ब्लैकमेल भी करते हैं।

साइबर ठगी से बचने के लिए विशेषज्ञ ने दी ये सलाह

साइबर विशेषज्ञ बीएल कुशवाहा ने लोगों को आगाह किया है कि इंटरनेट पर मिले किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। निजी तस्वीरें, ओटीपी और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें।

उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो बिना देर किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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