लखनऊ डेस्क: लखनऊ के कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को अदालत से राहत नहीं मिली है। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) आलोक वर्मा ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपराध को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कहा कि मामले का परीक्षण सत्र न्यायालय में किया जाना है, इसलिए जमानत देने का उचित आधार नहीं बनता। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ की अदालत में पेश किया था। उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
गंभीर अपराध का हवाला देकर अदालत ने खारिज की जमानत अर्जी
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश की ओर से जमानत के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी। प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामला सत्र न्यायालय द्वारा परीक्षणीय है। ऐसे में आरोपियों को जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं है। श्रद्धा की ओर से उसके अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद लखनऊ लाई गईं श्रद्धा और रश्मि
पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को मंगलवार दोपहर नागपुर के बेतलारोड़ी इलाके में स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुवार को हजरतगंज पुलिस तीनों को अदालत में पेश करने के लिए लखनऊ लाई।
पुलिस टीम सुबह करीब पौने 10 बजे तीनों को हजरतगंज कोतवाली लेकर पहुंची। यहां उन्हें पुलिस उपायुक्त मध्य अर्पित विजयवर्गीय के सर्विलांस कार्यालय में रखा गया, जहां करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ हुई।
पूछताछ के बाद देर शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों का सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
जिला जेल में श्रद्धा की सघन तलाशी, महिला बैरक में रखा गया
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे जिला जेल में दाखिल कराया गया। जेल के मुख्य गेट पर कर्मचारियों ने तीनों के नाम गेट बुक में दर्ज किए। इसके बाद दूसरे गेट पर जेल अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी सघन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान श्रद्धा ने कुछ आपत्ति जताई, लेकिन जेल अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराई। महिला जेलकर्मियों ने श्रद्धा और रश्मि की तलाशी ली। इसके बाद जेल के डॉक्टरों और फार्मासिस्ट ने तीनों का मेडिकल परीक्षण किया।
जेल रिकॉर्ड में तीनों का व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण दर्ज करने के साथ ही शरीर पर मौजूद पहचान चिह्नों का ब्योरा भी दर्ज किया गया। दाखिले की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्रद्धा और रश्मि को महिला बैरक के कोरनटाइन बैरक में अन्य महिला बंदियों से अलग रखा गया। वहीं, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को पुरुष बैरक में रखा गया।
क्या है कारोबारी शिवा शर्मा की मौत का मामला?
यह मामला लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा है। नौ अक्टूबर की रात चिकन कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से मौत हो गई थी। शिवा अलीगंज के कपूरथला इलाके में रहते थे।
शिवा की मां रंजना ने मॉडल श्रद्धा दुबे पर बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने, सिगरेट से जलाने और माफिया सहित कई नामचीन लोगों से धमकी दिलवाने जैसे आरोप लगाए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध खबर में नहीं दी गई है।
परिजनों के मुताबिक, शिवा करीब एक साल से मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। बेटे की मौत के बाद उसकी मां ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि समेत चार लोगों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रद्धा और उसकी बहन समेत अन्य आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने बाद में श्रद्धा, रश्मि और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया। अब तीनों की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्हें जेल में ही रहना होगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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