नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए मिलने वाली जगह और अधिकारों को सीमित करने का फैसला किया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस फैसले को चुनौती देगा और लोकतंत्र की बहाली के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
चाय पर मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर लंबे समय से लोकतांत्रिक विरोध और अपनी बात रखने का एक प्रमुख स्थान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार ने यहां लोकतांत्रिक भावनाओं को व्यक्त करने के रास्ते को सीमित करने का फैसला किया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि देश के लोग अपने अधिकारों और अपनी आवाज के लिए संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का आंदोलन अलग-अलग मुद्दों पर होने वाले विरोध का हिस्सा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की बहाली के लिए एक साझा अभियान है।
‘लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई जारी रहेगी’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चुनाव व्यवस्था और संविधान को लेकर अपनी चिंताओं को लगातार उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए सभी विपक्षी दल एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने का अधिकार है और इसे रोकने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
जंतर-मंतर को लेकर राहुल गांधी का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का एक प्रमुख माध्यम जंतर-मंतर था, लेकिन अब सरकार ने वहां विरोध प्रदर्शन को सीमित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगा और इसे चुनौती देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह आसान नहीं होगा कि वह लोगों की आवाज को दबा सके। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संविधान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह आंदोलन एक ही उद्देश्य को लेकर है और वह है देश में लोकतंत्र की बहाली। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर लगाए आरोप
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
जंतर-मंतर से प्रदर्शन हटाने को लेकर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदले जाने को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है और वहां से प्रदर्शन को दूसरी जगह ले जाना सरकार के डर को दिखाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी और वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर जनता अब जवाब मांग रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग करेगा।
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