Tuesday , 3 November 2026

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री सीतारमण की दोटूक, कहा- बातचीत से जल्द निकले समाधान

नेशनल डेस्क: टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच चल रहे मतभेदों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस विवाद को आपसी बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण तरीके से जल्द सुलझाया जाना चाहिए। सार्वजनिक मंच पर विवाद को उठाने के बजाय ग्रुप के नेतृत्व को मिल-बैठकर समाधान निकालना चाहिए। वित्त मंत्री ने टाटा ग्रुप को भारतीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मुंबई में आयोजित फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, जिसे सुलझाने के लिए कारोबारी समझदारी और नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टाटा ग्रुप का नेतृत्व जल्द ही मतभेदों को दूर कर सामान्य स्थिति बहाल करेगा।

सार्वजनिक मंच पर विवाद उठाने से बचने की सलाह

वित्त मंत्री ने कहा कि टाटा ग्रुप का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में समूह के भीतर चल रहे मतभेदों का जल्द समाधान होना जरूरी है। उन्होंने संबंधित पक्षों को सलाह दी कि वे सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने के बजाय आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाएं।

टाटा ग्रुप की वैश्विक पहचान का किया जिक्र

सीतारमण ने टाटा ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय पहचान और उसकी ब्रांड वैल्यू का भी उल्लेख किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर टाटा ग्रुप को स्थापित करने में पारसी समुदाय के योगदान की सराहना की। हालांकि, वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने के लिए कोई पहल करेगी या नहीं। उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।

किन मुद्दों पर टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद?

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसके सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं। इनमें टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने का मुद्दा प्रमुख है।

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के नेतृत्व वाला पक्ष टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर असहमति जता रहा है। वहीं, टाटा संस के बोर्ड ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियामकीय निर्देशों के अनुरूप कंपनी की लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।

सितंबर में हुई बोर्ड बैठक में एन. चंद्रशेखरन को एक बार फिर टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था। इस बैठक में नोएल टाटा ने इस फैसले के विरोध में मतदान किया था। इन मतभेदों के सार्वजनिक होने के बाद अब वित्त मंत्री ने दोनों पक्षों से जल्द और सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान निकालने की अपील की है।

 

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