नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में सोमवार को सियासी हलचल तेज रही। कांग्रेस एक साथ दो राजनीतिक मोर्चों पर घिरी नजर आई। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर प्रदर्शन कर राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेरा, वहीं दूसरी ओर INDIA ब्लॉक के सांसद कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने की तैयारी में जुटे।
एक ही दिन में हुए इन दोनों राजनीतिक कार्यक्रमों से दिल्ली का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस के सामने जहां अपने सांसद से जुड़े आरोपों पर जवाब देने की चुनौती है, वहीं विपक्षी गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई को सड़क से अदालत तक ले जाने की कोशिश कर रहा है।
JNU विवाद को लेकर कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और सांसदों ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर लगे कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की।
BJP महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और तख्तियां लेकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए।
यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्राओं की शिकायतों से जुड़ा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में छात्राओं की ओर से यौन और मानसिक उत्पीड़न समेत गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी और संबंधित सांसद ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
BJP ने कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने कांग्रेस के महिला सशक्तीकरण के दावों पर सवाल उठाते हुए पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा। भाजपा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने ही सांसद पर लगे आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा का हमला सीधे राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर केंद्रित रहा। पार्टी नेताओं ने पूछा कि इस मामले में कांग्रेस क्या कदम उठाती है।
वोट चोरी और SIR मुद्दे पर INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च
दूसरी ओर, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय हो। विपक्षी नेता इस मुद्दे को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं।
CJI से नहीं हुई मुलाकात, अब सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान
INDIA ब्लॉक के नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात नहीं हो सकी। मुख्य न्यायाधीश की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, लेकिन किसी भी शिकायत को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के सामने रखा जाना चाहिए।
इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और वहां याचिका दाखिल करने का ऐलान किया। विपक्षी गठबंधन की आगे की रणनीति पर अब सभी की नजर बनी हुई है।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, कई इलाकों में पाबंदियां
BJP के प्रदर्शन और INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त इंतजाम किए। इसके साथ ही कुछ इलाकों में यातायात और आवाजाही को लेकर भी व्यवस्थाएं की गईं।
सोमवार को दिल्ली की राजनीति दो बड़े मुद्दों पर केंद्रित रही। भाजपा ने कांग्रेस को महिला सुरक्षा और सांसद से जुड़े आरोपों के मुद्दे पर घेरा, जबकि INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया, आरोपों पर आगे की कार्रवाई और विपक्ष के आंदोलन की अगली दिशा पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
Navyug Samachar
