यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दहेज हत्या के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शादी के महज तीन महीने बाद पत्नी की हत्या करने के दोषी पति रितेश कुमार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि मधु देवी को अपना पहला करवा चौथ तक मनाने का मौका नहीं मिला। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
सात लाख रुपये के लिए ससुराल में किया जाता था प्रताड़ित
शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह के मुताबिक, यह मामला हथगाम थाना क्षेत्र का है। चकसाहब फिरोजपुर निवासी फूलकली ने अपनी बेटी मधु देवी की शादी 9 मई 2022 को गाजीपुर थाना क्षेत्र के गदरियापुर निवासी रितेश कुमार से की थी। आरोप है कि शादी के बाद जब मधु ससुराल पहुंची तो वहां उससे अतिरिक्त दहेज के रूप में सात लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोग उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे।
28 जुलाई को फंदे पर लटका मिला था मधु का शव
आरोप के मुताबिक, 28 जुलाई 2022 को मधु की पिटाई करने के बाद उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। इस मामले में मृतका की मां फूलकली ने पति रितेश कुमार, सास गुड़िया, ससुर गंगाचरण, देवर राहुल और ननद अशिखा व कोमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच के दौरान विवेचक ने पति रितेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि अन्य नामजद आरोपियों को मामले से बाहर कर दिया गया। इसके बाद अदालत ने उन आरोपियों को भी तलब किया था। इस कार्रवाई के खिलाफ संबंधित आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए थे।
पहला करवा चौथ भी नहीं देख सकी मधु, अदालत ने सुनाई उम्रकैद
मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने अदालत के सामने दहेज उत्पीड़न और हत्या से जुड़े तथ्यों को रखा। उन्होंने दलील दी कि शादी के महज तीन महीने के भीतर मधु की हत्या कर दी गई। वह अपना पहला करवा चौथ भी नहीं मना सकी, जबकि इस पर्व को लेकर नवविवाहित महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है। उन्होंने दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की।
दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 के न्यायाधीश अजय सिंह ने पति रितेश कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पांच अन्य आरोपियों की सुनवाई अलग
इस मामले में नामजद सास गुड़िया, ससुर गंगाचरण, देवर राहुल और ननद अशिखा व कोमल की पत्रावली अलग कर दी गई है। बताया गया है कि हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते इन पांच आरोपियों से संबंधित कार्यवाही अलग चल रही है।
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