Friday , 16 October 2026

पुणे MLC चुनाव में BJP को शिंदे का झटका! कौस्तुभ गावडे के खिलाफ निर्दलीय सचिन सानप को समर्थन, महायुति में बढ़ी हलचल

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी सचिन सानप को समर्थन देने का ऐलान किया है। शिंदे के इस फैसले से सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सचिन सानप के समर्थन में शिंदे की शिवसेना 17 अक्टूबर से चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है।

बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ शिंदे ने खोला मोर्चा

कई दिनों से जारी अटकलों के बाद एकनाथ शिंदे ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने मंत्री उदय सामंत के ओएसडी सचिन सानप को समर्थन देने का फैसला किया है। सानप निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं और उनका सीधा मुकाबला बीजेपी के कौस्तुभ गावडे से है।

शिंदे की शिवसेना अब सानप के पक्ष में प्रचार अभियान चलाएगी। पार्टी 17 अक्टूबर से उनके लिए प्रचार शुरू करेगी। बीजेपी और शिंदे की शिवसेना राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, ऐसे में गठबंधन के सहयोगी दल के उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला अहम माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रवैये को लेकर एकनाथ शिंदे नाराज चल रहे थे। ऐसे में बीजेपी उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में उतरने के उनके फैसले ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के तहत पांच निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है। इनमें पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इन निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही मतदान कर सकेंगे।

एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि महायुति गठबंधन सभी पांच सीटों पर जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ सीटों को छोड़कर गठबंधन के सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनकी पार्टी का निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देना गठबंधन की एकजुटता और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

किसानों की मदद पर विपक्ष को शिंदे का जवाब

विधान परिषद चुनाव के बीच एकनाथ शिंदे ने सूखे की स्थिति में किसानों को दी गई सरकारी सहायता पर विपक्ष की आलोचना का भी जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास सरकार की आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं है।

शिंदे के मुताबिक, विपक्ष ने पहले सरकार से सूखा घोषित करने की मांग की थी। अब सरकार ने सूखे की घोषणा कर दी है, तो उसी फैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को पांच हजार रुपये की अग्रिम सहायता देने के सरकार के फैसले पर विपक्ष की आपत्ति का भी जिक्र किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय राजनीतिक दलों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं से सरकार की आलोचना करने के बजाय किसानों की मदद के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

पुणे चुनाव में शिंदे के फैसले का कितना असर पड़ेगा?

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सचिन सानप को समर्थन देने का एकनाथ शिंदे का फैसला महायुति गठबंधन के भीतर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिंदे की शिवसेना का चुनाव प्रचार सचिन सानप को कितना फायदा पहुंचाता है और बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे की चुनावी संभावनाओं पर इसका क्या असर पड़ता है। 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजे इस मुकाबले की तस्वीर साफ करेंगे।

 

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