
यूपी डेस्क: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लाई गई मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गुरुवार सुबह लखनऊ पहुंचने के बाद हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों और उनकी कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। वहीं, मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों की 14 दिन की पुलिस हिरासत मांगने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
नागपुर से करीब 850 किलोमीटर का सफर तय कर लखनऊ पहुंची टीम
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से मंगलवार को नागपुर स्थित एक फ्लैट से श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बुधवार को नागपुर की जिला अदालत से 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मिलने पर पुलिस तीनों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस का काफिला बुधवार शाम करीब सात बजे नागपुर से निकला और लगभग 850 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गुरुवार सुबह हजरतगंज कोतवाली पहुंचा। यहां आरोपियों की आमद दर्ज कराने और सामान्य डायरी में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चेहरा छिपाकर कोतवाली में दाखिल हुई श्रद्धा दुबे
लखनऊ पहुंचने पर श्रद्धा दुबे मीडिया के कैमरों से बचती नजर आई। उसने दुपट्टे से अपना चेहरा ढक लिया और तेजी से हजरतगंज कोतवाली के भीतर चली गई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों से शुरुआती पूछताछ शुरू की।
जांच अधिकारियों का ध्यान शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और गिरफ्तारी से पहले उनके ठिकानों से संबंधित जानकारी जुटाने पर है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। हालांकि, मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही हो सकेगी।
मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेशी, पुलिस रिमांड मांगने की तैयारी
कोतवाली में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने और उन्हें कैसरबाग स्थित जिला कचहरी में सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की तैयारी की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच के लिए अदालत से 14 दिन की पुलिस हिरासत मांगी जा सकती है। जांच एजेंसियां फरारी के दौरान आरोपियों को कथित रूप से मदद देने वाले लोगों, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल करना चाहती हैं। पुलिस हिरासत मिलने पर इन बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, पुलिस की मांग पर अंतिम निर्णय अदालत ही लेगी।
9 अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर को हुई शिवा शर्मा की मौत से जुड़ा है। युवा कारोबारी शिवा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां रंजना शर्मा ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे। बाद में महाराष्ट्र में कार्रवाई कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले श्रद्धा के करीबी बताए जा रहे आमिर शेख की गिरफ्तारी और कथित धमकी भरे ऑडियो सामने आने के बाद भी यह मामला चर्चा में रहा था।
पूछताछ में खुल सकते हैं फरारी और घटना से जुड़े अहम पहलू
श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों को लखनऊ लाए जाने के बाद अब पुलिस घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, आरोपियों की कथित भूमिका क्या थी और फरारी के दौरान उन्हें किसी ने सहायता दी थी या नहीं।
फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Navyug Samachar