
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को ईडी की गिरफ्तारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया है। आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनकी उम्र और लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई का हवाला देकर राहत की मांग की थी। साथ ही हाईकोर्ट से 16 नवंबर तक मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया गया है।
कपिल सिब्बल ने उठाया प्रताड़ना का मुद्दा
आजम खान की ओर से अदालत में पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि उनकी उम्र 80 साल है और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि एक मामले में जेल से रिहाई मिलने के तुरंत बाद उन्हें वर्ष 2019 के पुराने मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
सिब्बल ने आरोप लगाया कि आजम खान को लगातार कानूनी कार्रवाई में उलझाने के पीछे उन्हें आगामी चुनावों की राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने की मंशा है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों पर तत्काल राहत देने के बजाय पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट भेजी याचिका
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आजम खान की याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है। अब 16 नवंबर तक याचिका पर सुनवाई किए जाने की बात कही गई है।
आजम खान ने अपनी याचिका में ईडी की गिरफ्तारी के साथ ही उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश को भी चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीदें अब हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
11 महीने बाद जेल से निकले, गेट पर ही ईडी ने किया गिरफ्तार
दरअसल, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से 29 अक्टूबर को जमानत मिली थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को आजम खान करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए। हालांकि, जेल के गेट पर ही ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ईडी ने यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित धनशोधन मामले में की थी। एजेंसी आजम खान को गाजियाबाद ले गई, जहां विशेष पीएमएलए अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वह डासना जेल में बंद हैं।
आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को अवैध और मनमाना बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन शीर्ष अदालत से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में आगे बढ़ेगी।
Navyug Samachar