Friday , 2 October 2026

सीएम योगी ने बच्चों और युवाओं को लिखी ‘योगी की पाती’, जन्मदिन पर पौधा लगाने की खास अपील

यूपी डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और युवाओं के नाम एक विशेष पत्र लिखा है, जिसे “योगी की पाती” नाम दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने खास तौर पर जन्मदिन और अन्य शुभ अवसरों पर पौधा लगाने और उसकी पूरी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया है।

जन्मदिन पर पौधा लगाने और देखभाल की अपील
मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हर वर्ष जन्मदिन या किसी भी शुभ अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे एक अभिभावक की तरह संभालना और उसकी देखभाल करना भी जरूरी है, ताकि वह एक मजबूत वृक्ष बन सके।

युवाओं को बताया विकास और हरित भविष्य की रीढ़
सीएम योगी ने युवाओं से जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और नदियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति ही उत्तर प्रदेश को हरित और समृद्ध बनाने के संकल्प की सबसे बड़ी आधारशिला है।

सनातन संस्कृति में प्रकृति संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में वृक्ष, नदियां, पहाड़ और जीव-जंतुओं को पूजनीय माना गया है। उन्होंने कहा कि वेदों और पुराणों में प्रकृति संरक्षण को ईश्वर की आराधना के समान बताया गया है।

तीन ऋणों का किया उल्लेख
सीएम योगी ने देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण का उल्लेख करते हुए कहा कि देव ऋण का संबंध सीधे प्रकृति और पर्यावरण से है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतुओं का संरक्षण कर ही इस ऋण से मुक्ति संभव है।

पर्वों में दिखता है प्रकृति से जुड़ाव
उन्होंने वट सावित्री व्रत और छठ पूजा जैसे लोकपर्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय पर्व प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक हैं और ये पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं।

प्रदेश में चल रहे पर्यावरणीय प्रयासों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों की जानकारी देते हुए कहा कि “जल है तो हम हैं” के सिद्धांत पर नदियों के पुनर्जीवन के लिए “एक जनपद एक नदी” योजना चलाई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

रामसर स्थलों की बढ़ी संख्या
सीएम योगी ने बताया कि अलीगढ़ की शेखा झील पक्षी अभ्यारण्य को शामिल करने के बाद उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से जल स्रोतों के संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

 

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