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केदारनाथ में आस्था का महासैलाब! खराब मौसम भी नहीं रोक पाया श्रद्धालुओं का उत्साह, 12 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून : उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मौसम की चुनौतियों और कठिन यात्रा मार्ग के बावजूद बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। यात्रा शुरू होने के महज डेढ़ महीने के भीतर 12 लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं।

हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित केदारनाथ धाम तक पहुंचना आसान नहीं माना जाता, लेकिन आस्था के आगे सभी कठिनाइयां छोटी साबित हो रही हैं। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। खराब मौसम और ठंड के बावजूद भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

कठिन रास्तों के बावजूद नहीं घट रहा उत्साह

केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से धाम पहुंच रहे हैं। कई लोग हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं। इसके अलावा डंडी और घोड़े-खच्चरों के सहारे भी भक्त मंदिर तक पहुंच रहे हैं। कठिन चढ़ाई और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पा रही हैं।

डेढ़ महीने में 12 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस यात्रा सीजन में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। मात्र डेढ़ महीने में 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने का आंकड़ा इस यात्रा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।

आस्था और विश्वास का बन रहा नया रिकॉर्ड

धार्मिक मान्यताओं और बाबा केदारनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा को ही इस भारी भीड़ का मुख्य कारण माना जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग परिवार, मित्रों और समूहों के साथ धाम पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु अकेले भी कठिन यात्रा तय कर बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

यात्रा में अभी और बढ़ सकती है संख्या

चारधाम यात्रा के प्रमुख केंद्रों में शामिल केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सिलसिला लगातार जारी है। यदि मौसम अनुकूल बना रहता है तो आने वाले दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इस बढ़ती संख्या से स्थानीय पर्यटन और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी गति मिल रही है।

 

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