नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सैयद मकबूल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य योजनाओं में कथित धोखाधड़ी के आरोपों और चल रही जांच के बीच की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1956 के नियम 31 के तहत किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी।
103 कार्डियक मामलों की जांच के बाद हुई कार्रवाई
सरकारी जांच में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-सेहत के तहत दर्ज 103 हृदय संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। जांच के दौरान ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम पर अपलोड किए गए दावों और कैथ लैब में दर्ज प्रक्रियाओं के रिकॉर्ड के बीच कथित विसंगतियां सामने आईं।
जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ मामलों में डुअल-चेंबर पेसमेकर प्रत्यारोपण के नाम पर दावा प्रस्तुत किया गया, जबकि रिकॉर्ड में अलग प्रक्रिया किए जाने का उल्लेख मिला। इन्हीं आरोपों के आधार पर विभाग ने नोटिस जारी करते हुए संबंधित चिकित्सक को निलंबित किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने कहा कि विभाग पहले ही जांच शुरू कर चुका था और अब विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने दी जाए। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार पर निशाना साधते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में दावा किया कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के इलाज के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए।
रिपोर्ट का इंतजार, जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और संबंधित विभाग विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता, जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका और संभावित कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता और मरीजों के हितों से जुड़े इस मामले पर अब प्रशासन, चिकित्सा क्षेत्र और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
Navyug Samachar