Monday , 5 October 2026

PM मोदी के खास तोहफे बने चर्चा का विषय! सेशेल्स दौरे में राष्ट्रपति से लेकर उपराष्ट्रपति की पत्नी तक को क्या मिला?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा पूरा कर सोमवार को भारत लौट आए। इस दौरान राजनयिक परंपराओं के तहत उन्होंने सेशेल्स के शीर्ष नेताओं और उनके परिवारों को भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों में देश के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कला और शिल्पकला की झलक देखने को मिली।

राष्ट्रपति को भेंट किया मुरादाबाद का पीतल का कलात्मक कछुआ

प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की प्रसिद्ध पीतल शिल्पकला से निर्मित एक कलात्मक कछुआ उपहार में दिया। बारीक नक्काशी और उत्कृष्ट फिनिश से सुसज्जित यह कलाकृति भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। भारतीय संस्कृति में कछुआ ज्ञान, धैर्य, स्थिरता और दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है। यह उपहार सेशेल्स के प्रसिद्ध एल्डाब्रा जायंट टॉर्टॉइज से भी सांकेतिक रूप से जुड़ा हुआ है।

संसद की स्पीकर को मिली पारंपरिक टोडा शॉल

सेशेल्स की संसद की स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा को प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों में रहने वाले टोडा समुदाय की पारंपरिक कढ़ाई वाली शॉल भेंट की। सफेद सूती कपड़े पर लाल और काले रंग की पारंपरिक डिजाइन से सजी यह शॉल ‘पुखूर’ नामक विशेष हस्तकढ़ाई तकनीक से तैयार की जाती है। यह उपहार भारत की जनजातीय संस्कृति और हस्तकला परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है।

उपराष्ट्रपति को दी सिक्किम की ऑर्किड पेंटिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई को सिक्किम की एक आकर्षक ऑर्किड पेंटिंग भेंट की। इस कलाकृति में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को ऑर्किड फूलों और पुष्प लताओं के बीच दर्शाया गया है। यह चित्रकला भारत और सेशेल्स की जैव विविधता, प्राकृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के साझा मूल्यों को दर्शाती है।

प्रथम महिला को मिला महेश्वरी सिल्क स्टोल और बिदरी शिल्प बॉक्स

राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की पत्नी और सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी को प्रधानमंत्री मोदी ने दो विशेष उपहार दिए। पहला उपहार मध्य प्रदेश के महेश्वर की प्रसिद्ध बुनाई परंपरा से तैयार महेश्वरी सिल्क स्टोल था। यह स्टोल अपने हल्के वजन, सुंदर डिजाइन और उत्कृष्ट शिल्पकला के लिए जाना जाता है।

इसके साथ उन्हें कर्नाटक के बीदर की मशहूर बिदरी कला से निर्मित एक सजावटी बॉक्स भी भेंट किया गया। काले धातु पर चांदी की महीन जड़ाई से तैयार यह शिल्प भारतीय धातुकला की अनूठी विरासत और शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

द्वितीय महिला को भेंट किया गया कांचीवरम सिल्क फैब्रिक

उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई की पत्नी लीना पिल्लई को प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के कांचीपुरम की विश्वप्रसिद्ध कांचीवरम सिल्क फैब्रिक उपहार स्वरूप दिया। अपनी चमक, मजबूती और जरी के बारीक काम के लिए प्रसिद्ध यह रेशमी वस्त्र भारतीय वस्त्र परंपरा की पहचान माना जाता है।

मैरून रंग के इस फैब्रिक पर सुनहरी जरी की आकर्षक डिजाइन और लाल, हरे व सुनहरे रंगों का बॉर्डर इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है। इसकी कलात्मक डिजाइन मंदिर स्थापत्य, प्रकृति और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला से प्रेरित है। कांचीवरम सिल्क को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग भी प्राप्त है और इसे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पहल के तहत भी मान्यता मिली हुई है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक प्रदर्शन

सेशेल्स दौरे के दौरान दिए गए ये सभी उपहार भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा कला और लोक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का माध्यम बने। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, मध्य प्रदेश और कर्नाटक की कला एवं शिल्प परंपराओं से जुड़े इन उपहारों ने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि की अलग-अलग झलक पेश की।

 

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