
धर्म डेस्क: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और सबसे तेज गति से राशि परिवर्तन करने वाला ग्रह माना जाता है। पंचांग के अनुसार, 23 जुलाई 2026 की शाम 7 बजे चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और 25 जुलाई तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है।
मेष राशि
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके कार्यों में गति मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के जातकों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। आर्थिक मामलों में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। परिवार के साथ किसी धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है।
वृश्चिक राशि
चंद्रमा का अपनी ही राशि में गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। व्यापार से जुड़े लोगों को नई और लाभदायक संभावनाएं मिल सकती हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ने और जीवनसाथी का सहयोग मिलने के योग बताए गए हैं। स्वास्थ्य में भी सुधार महसूस हो सकता है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर और आय के लिहाज से अनुकूल माना गया है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों या पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अच्छी खबर मिल सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
चंद्रमा के शुभ प्रभाव के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव का जलाभिषेक कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। सोमवार के दिन दूध, चावल और चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करने की भी सलाह दी जाती है। इसके अलावा माता का सम्मान करना और उनका आशीर्वाद लेना मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है।
Navyug Samachar