लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्टेट हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर-उत्तर प्रदेश (एसएचएसआरसी-यूपी) का पांच वर्षीय रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस योजना में डिजिटल हेल्थ, मरीजों की सुरक्षा, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीति पर विशेष फोकस रहेगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाने पर मंथन
एसएचएसआरसी-यूपी के कार्यकारी निदेशक एवं एसजीपीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर. हर्षवर्धन ने बताया कि लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राउंडटेबल बैठक के पहले दिन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने नियमित समीक्षा, डिजिटल तकनीक के बेहतर उपयोग, मरीजों की सुरक्षा, अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया।
नीति निर्माण और शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा एसएचएसआरसी-यूपी
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एसएचएसआरसी-यूपी के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एसएचएसआरसी-यूपी को प्रदेश का प्रमुख तकनीकी थिंक टैंक बनाया जाएगा। यह संस्थान स्वास्थ्य नीति निर्माण, शोध और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाएगा।
सरकार, विशेषज्ञ और संस्थानों के समन्वय पर रहेगा जोर
एसजीपीजीआई के निदेशक एवं एसएचएसआरसी-यूपी के सह-अध्यक्ष प्रो. आर.के. धीमन ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार, चिकित्सा संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच निरंतर सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
देश-विदेश के विशेषज्ञों ने रखे सुझाव
बैठक में आईआईएम लखनऊ के निदेशक डॉ. एम.पी. गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (अमेरिका) के प्रो. डॉ. साइरस इंजीनियर सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने सुझाव साझा किए।
दूसरे दिन अंतिम रूप दिया जाएगा रणनीतिक खाके को
एसजीपीजीआई के अस्पताल प्रशासन विभाग के आयोजन सचिव डॉ. गौरव के झा ने बताया कि पहले दिन प्राप्त सुझावों के आधार पर दूसरे दिन एसएचएसआरसी-यूपी के संस्थागत ढांचे और पांच वर्षीय रणनीतिक रोडमैप को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और अधिक प्रभावी बनाना है।
Navyug Samachar