
नेशनल डेस्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और संस्थापक सदस्य सौरव दास ने अपने-अपने संदेशों के जरिए आंदोलन के रुख को स्पष्ट करने की कोशिश की है। मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर बदलाव की जिम्मेदारी उठाने का संदेश साझा किया, जबकि सौरव दास ने प्रदर्शन को लेकर ट्रेनों, उड़ानों और बसों पर लगाई गई कथित पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी केवल अपनी बात सुने जाने की मांग कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने समर्थकों को दिया बदलाव का संदेश
दिल्ली रवाना होने से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि जिंदगी जीने के दो ही तरीके होते हैं। पहला, जो कुछ हो रहा है उसे चुपचाप स्वीकार कर लिया जाए और दूसरा, उसे बदलने की जिम्मेदारी उठाई जाए।
पार्टी के अनुसार, यह संदेश दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले समर्थकों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि आंदोलन को लेकर उनका रुख कायम है। अभिजीत दीपके ने यह भी संकेत दिया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आने वाली परिस्थितियों का सामना करने के लिए वे तैयार हैं। पार्टी का कहना है कि उसका विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है।
सौरव दास ने परिवहन व्यवस्था पर उठाए सवाल
CJP के संस्थापक सदस्य सौरव दास ने भी एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए दिल्ली में लागू की गई पाबंदियों और परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आखिर कब तक ट्रेनों, उड़ानों और बसों को प्रभावित किया जाएगा।
सौरव दास के मुताबिक, सरकार ने जंतर-मंतर तक ही विरोध सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे देश में असहमति की आवाज उठाने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी केवल अपनी बात सुने जाने की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
इलाहाबाद में भी समर्थन की अपील
सौरव दास ने एक अन्य पोस्ट में इलाहाबाद के युवाओं से आंदोलन के समर्थन की अपील का उल्लेख किया। पोस्ट में कहा गया कि जो लोग दिल्ली के जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सकते, वे अगले दिन सुबह इलाहाबाद चौराहे पर पहुंचकर आंदोलन के समर्थन में शामिल हों।
हालांकि, इस अपील के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इलाहाबाद में प्रदर्शन किस स्तर पर होगा या उसमें कितने लोग शामिल होंगे।
CJP का दावा- जहां रोकेंगे, वहीं होगा विरोध
पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि दिल्ली पहुंचने के दौरान पुलिस उन्हें किसी भी स्थान पर रोकती है तो वहीं विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। CJP ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कहा कि “जंतर मंतर 2.0 शुरू हो गया है।” इसके साथ ही पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर वोट चोरी से जुड़े राजनीतिक आरोप भी लगाए।
ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पार्टी का कहना है कि उसका विरोध चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ है।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, यात्रा पर असर की जानकारी
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जंतर-मंतर और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और वाहनों की जांच की जा रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का दावा किया गया है। इसके अलावा नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी भी सामने आई है। मेट्रो सेवाओं को लेकर भी शाम छह बजे तक 45 मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने का दावा किया गया है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले रेलवे और दिल्ली मेट्रो की आधिकारिक सूचना जांचने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन पर टिकी सभी की नजर
अभिजीत दीपके के संदेश, सौरव दास के सवाल और दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब सभी की नजर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CJP समर्थक अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और प्रशासन स्थिति से किस प्रकार निपटता है। फिलहाल, पार्टी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के संकेत नहीं दे रही है।
Navyug Samachar