
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहाई के बाद जब वह महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव पहुंचे, तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दीपके अपनी दादी की राख हो चुकी चिता के पास फूल चढ़ाते और भावुक होकर रोते नजर आ रहे हैं।
परिवार ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के कारण अभिजीत दीपके समय पर घर नहीं पहुंच सके और वह अपनी दादी के अंतिम दर्शन व अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि दीपके को दादी के निधन की जानकारी दी गई थी और घर जाने के लिए सहायता की पेशकश भी की गई थी।
चिता की राख के पास भावुक हुए अभिजीत दीपके
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अभिजीत दीपके अपनी दादी की चिता के पास पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में चिता पूरी तरह जल चुकी है और वहां केवल राख बची हुई नजर आ रही है। दीपके राख पर फूल चढ़ाते हैं और इसके बाद काफी देर तक वहीं बैठकर रोते दिखाई देते हैं।
यह भावुक दृश्य सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक विवाद के साथ-साथ मानवीय पहलू भी जोड़ दिया है।
85 साल की थीं दादी, बीमारी के बाद हुआ निधन
अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का 10 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हुआ था। वह 85 वर्ष की थीं और लंबे समय से बीमार चल रही थीं।
उनका अंतिम संस्कार 11 अक्टूबर की सुबह किया गया। इसी दौरान अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे। रिहाई के बाद जब वह अपने घर पहुंचे, तब तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
परिवार ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके के परिवार ने आरोप लगाया है कि दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया। परिवार के मुताबिक, पुलिस से कई बार अपील की गई थी ताकि दीपके अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।
दीपके के चाचा विलास दीपके ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन उन्हें समय रहते घर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि अगर दीपके को समय पर छोड़ा जाता तो वह अंतिम संस्कार में पहुंच सकते थे।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि मानवीय आधार पर दीपके को घर जाने के लिए जरूरी सहायता देने की पेशकश की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने जारी किया वीडियो, दीपके ने उठाए सवाल
मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया। पुलिस के अनुसार, इस वीडियो में अधिकारियों को अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देते और घर जाने के लिए बस या विमान की व्यवस्था करने की पेशकश करते देखा जा सकता है।
पुलिस का दावा है कि उस समय दीपके ने जाने से इनकार करते हुए कहा था, “मैं यहीं रुकूंगा।”
वहीं, अभिजीत दीपके ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जारी किया गया वीडियो अधूरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने चचेरे भाई से बात करने के लिए फोन मांगा था, ताकि परिवार की स्थिति की जानकारी मिल सके, लेकिन उन्हें फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई।
दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि वकील से संपर्क करने की कोशिश में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
50 हजार रुपये के बॉन्ड पर मिली जमानत
अभिजीत दीपके को रविवार को एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट के यहां से जमानत मिली थी। जमानत के दौरान उनसे 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरवाया गया है।
इस बॉन्ड की शर्त के मुताबिक, दीपके को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी। अगर वह इस शर्त का उल्लंघन करते हैं तो उन पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जा सकता है।
हिरासत से बाहर आने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। इसके बाद कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस और अदालत के सामने दिए गए आश्वासन का उल्लंघन किया है। हालांकि, शांति भंग हुई है या नहीं, इसका फैसला न्यायालय को करना है।
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