यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित 9,18,091 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि भेजी। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार ने केवल 8 से 10 दिनों के भीतर राहत राशि किसानों तक पहुंचाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री बोले- आपदा पीड़ितों को हरसंभव मदद दे रही सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य संकट की घड़ी में किसानों को तत्काल राहत पहुंचाना है, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मकान क्षति पर अलग से मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। यह राशि फसल क्षति के लिए भेजे गए 493 करोड़ रुपये से अलग है। जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, पशुहानि और जनहानि के मामलों में भी नियमानुसार सहायता दी जा रही है। जनहानि होने पर 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खातों में पहुंची रकम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों की डिजिटल क्रॉप सर्वे रिपोर्ट सरकार को प्राप्त हुई, वहां किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे सहायता राशि भेजी गई। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि किसी भी प्रकार का बिचौलिया बीच में न रहे और स्वीकृत पूरी राशि सीधे किसान के खाते में पहुंचे।
पुरानी सरकारों पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी सहायता का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता था, जबकि अब डीबीटी व्यवस्था के जरिए पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां बाढ़ के कारण कटान हुई है या अब भी अतिवृष्टि की शिकायतें हैं, वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, आवागमन बहाल करने और कटान रोकने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। मौसम साफ होते ही सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए मजबूत किया जा रहा सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम विकसित किया गया है। कई जिलों में लोगों को एसएमएस और मोबाइल के जरिए पहले से चेतावनी भेजी जाती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान, बटाईदार या उनके परिवार का सदस्य प्राकृतिक आपदा का शिकार होता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
पहले भी हजारों किसानों को मिल चुकी है सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सहायता राशि से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित 1,29,326 किसानों को 78 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में भी 225 करोड़ 93 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
कर्जमाफी से लेकर मुफ्त बिजली तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ किया गया। इसके साथ ही 16 लाख निजी ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करते हुए लाखों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है।
15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में शुरू होगी धान और मोटे अनाज की खरीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि जिन जिलों में अतिवृष्टि और जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाज की सरकारी खरीद शुरू होगी। उन्होंने कहा कि किसान जितनी उपज लेकर आएंगे, उसकी खरीद की जाएगी। यदि निजी व्यापारी खरीद नहीं करेंगे तो सरकार स्वयं खरीद करेगी और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा।
Navyug Samachar
