यूपी डेस्क: लखनऊ में दिव्यांग बेसिक शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण सूची जारी करने की मांग को लेकर सोमवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। दिव्यांग महागठबंधन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में शिक्षकों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आमरण अनशन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिव्यांग शिक्षकों ने शासन से की लंबित सूची जारी करने की मांग
दिव्यांग महागठबंधन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों ने सरकार से लंबित अंतरजनपदीय स्थानांतरण सूची तत्काल जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि दिव्यांग, असाध्य रोग से पीड़ित और दिव्यांग दंपती शिक्षकों के तबादले का मामला लंबे समय से लंबित है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शासन की ओर से चार जून को दिव्यांग, असाध्य रोगी और दिव्यांग दंपती शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए शासनादेश जारी किया गया था। इसमें 30 जून तक सूची जारी किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी सूची जारी नहीं की गई।
11 अक्टूबर तक सूची जारी करने का मिला था आश्वासन
दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से 11 अक्टूबर तक स्थानांतरण सूची जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत और बेसिक शिक्षा मंत्री व अपर मुख्य सचिव स्तर से मिले आश्वासनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों को समय पर इलाज और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आमरण अनशन
महागठबंधन के अध्यक्ष मनीष प्रसाद ने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों को न्याय मिलने के बाद ही आमरण अनशन समाप्त किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दिव्यांग कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहा है और जब तक अंतरजनपदीय स्थानांतरण सूची जारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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