यूपी डेस्क: लखनऊ में संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम कर रहीं महिला एएनएम कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। पिछले छह दिनों से प्रदर्शन कर रहीं एएनएम कर्मियों ने सोमवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं आवास के बाहर सड़क पर बैठ गईं और स्थायी नौकरी, समान वेतन समेत कई मांगों को लेकर आवाज उठाई।
छह दिनों से जारी है ANM कर्मियों का प्रदर्शन
महिला एएनएम कर्मियों का कहना है कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रही हैं, लेकिन संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण उन्हें नौकरी की स्थिरता और जरूरी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों के स्तर पर बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। इसी को लेकर उन्होंने डिप्टी सीएम के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भेजा ईको गार्डन
डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला एएनएम कर्मियों को सड़क से हटाया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शनकारी महिलाएं अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आवास के बाहर बैठ गई थीं।
महिला कर्मियों का कहना है कि जब उनसे नियमित कर्मचारियों की तरह काम लिया जाता है तो उन्हें भी समान वेतन और सेवा संबंधी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
स्थायी नियुक्ति और समान वेतन की प्रमुख मांग
आंदोलन कर रहीं एएनएम कर्मियों की सबसे बड़ी मांग संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम कर रहीं पात्र कर्मचारियों को स्थायी किया जाना है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी अहम भूमिका है और वह लंबे समय से विभागीय जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
इसके अलावा महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने समान काम के बदले समान वेतन की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जिम्मेदारियां समान होने के बावजूद वेतन और सुविधाओं में अंतर किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गृह जनपद में तैनाती और स्वास्थ्य बीमा की भी मांग
प्रदर्शनकारी एएनएम कर्मियों ने गृह जनपद में तैनाती की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि दूर-दराज क्षेत्रों में तैनाती के कारण उन्हें परिवार और नौकरी के बीच संतुलन बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं ने स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि चिकित्सा संबंधी जरूरतों के समय बीमा सुविधा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा दे सकती है।
EPF और कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर भी उठाई आवाज
एएनएम कर्मियों ने नियमित कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए भविष्य निधि की सुविधा बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने महिला कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए विशाखा कमेटी गठित करने की मांग भी की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
सरकार को 2027 में परिणाम भुगतने की चेतावनी
आंदोलन कर रहीं महिला एएनएम कर्मियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार को राजनीतिक चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वर्ष 2027 में सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
फिलहाल, एएनएम कर्मियों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक स्थायी नौकरी, समान वेतन और अन्य मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
Navyug Samachar
