नेशनल डेस्क: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के बीच सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के 10 से 15 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को अदालत परिसर के फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति दे दी। यह प्रतिनिधिमंडल कथित वोट चोरी के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर याचिका दाखिल करने के लिए पहुंचा था।
कांग्रेस नेताओं को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए यह अनुमति दी गई। इसके बाद राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस याचिका के जरिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को अदालत के सामने रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश को लेकर हुई थी स्थिति स्पष्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा घेरे वाले हिस्से में प्रवेश की अनुमति नहीं थी और उन्हें निर्धारित क्षेत्र तक ही जाने की इजाजत मिली। हालांकि, फाइलिंग काउंटर तक पहुंचकर याचिका दाखिल करने की अनुमति मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आगे की प्रक्रिया पूरी की।
INDIA ब्लॉक का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी शिकायतों को सामने रखने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों को अदालत तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाला गया था। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या कार्रवाई होती है।
कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक निकला विपक्ष का मार्च
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली के कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इस मार्च को चलो दिल्ली नाम दिया गया था। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने इस मार्च की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए इसे लोकतंत्र और न्याय के लिए मार्च बताया था। इस दौरान विपक्षी दलों के कई नेता उनके साथ मौजूद रहे।
CJI से मुलाकात नहीं मिलने के बाद भी जारी रहा मार्च
INDIA ब्लॉक का यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसके बाद भी अपना मार्च जारी रखने का फैसला किया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है। वहीं, इस पूरे मामले पर अब न्यायिक प्रक्रिया की ओर सबकी नजरें हैं।
CJI सूर्यकांत ने कहा- अदालत के दरवाजे सभी के लिए खुले
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर नागरिक के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर अदालत आ सकता है और कानून के अनुसार उस पर सुनवाई होगी।
CJI ने बताया कि विपक्षी नेताओं की ओर से मुलाकात के लिए पत्र मिला था, जिसका जवाब उन्होंने रविवार रात ही दे दिया था। उन्होंने मुलाकात नहीं कर पाने के कारणों की जानकारी दी, लेकिन इस संबंध में ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार किया।
वोट चोरी और चुनाव आयोग को लेकर सियासी घमासान
मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत है।
वहीं, भाजपा और सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज किया जा रहा है। इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका और आगे की सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
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