मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के सिलसिले में आयोजित सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा पर विकास कार्यों में बाधा डालने, परिवारवाद को बढ़ावा देने और पीडीए के नारे के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि सही जनप्रतिनिधि चुनने से लोगों की समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलता है, जबकि गलत प्रतिनिधि विकास में रुकावट बनते हैं। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चुनकर न भेजें, जो विकास के रास्ते में बैरियर बनते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि इन बाधाओं को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।
23 अक्टूबर को होगा शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव
मुख्यमंत्री गुरुवार को मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भाजपा ने शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया है। योगी ने मतदाताओं से 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा।
उन्होंने कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछले चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए थे, लेकिन इसके बावजूद वे शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनके जरिए सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रयास करेगी।
पीडीए के नारे पर सवाल, सपा पर परिवारवाद का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी की असलियत सामने आ गई। उन्होंने कहा कि दो उम्मीदवारों को टिकट देने की स्थिति में एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के एक धन्ना सेठ को दिया गया, जबकि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों को मौका नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने आठ सीटों पर तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति के उम्मीदवार उतारे और सभी आठ प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित कर लिया। योगी के मुताबिक, दोनों दलों ने प्रदेश की जनता से दूरी बनाई और जनता ने भी उन्हें दूर कर दिया।
माफिया के सामने झुकने वालों पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश की पहचान को लेकर संकट खड़ा किया और माफिया के सामने झुकते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उचित व्यवस्था नहीं थी।
योगी ने कहा कि उस समय नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था और मंदिरों में गंदगी तथा अव्यवस्था रहती थी। उन्होंने दावा किया कि अब सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का दबदबा होने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों में सैफई सिंडिकेट का दबदबा था और उसकी पसंद के लोगों को ही नौकरी मिलती थी। उन्होंने तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने पद से हटा दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय नौकरी की मांग को लेकर युवा सड़कों पर आंदोलन करते थे, लेकिन अखिलेश सरकार उनकी बात नहीं सुनती थी। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उनके मुताबिक, 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए।
योगी ने कहा कि अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से खुद रोजगार पाने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
चुनाव के बाद युवाओं को फिर दिए जाएंगे टैबलेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद चुनाव खत्म होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का है। योगी के अनुसार, अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं और डिजिटल अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत नीट, आईआईटी-जेईई और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाती है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य कवर और सामाजिक सुरक्षा
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न पर्याप्त सम्मान मिलता था और न ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध थीं। उन्होंने दावा किया कि अब बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के साथ स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दुर्घटना होने की स्थिति में 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं।
योगी ने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को दूसरे स्थानों पर पलायन करना पड़ा।
मीरजापुर मंडल में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसकी प्राथमिकता नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था और न विश्वविद्यालय।
योगी के अनुसार, अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय भी शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र आर्थिक समृद्धि के माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने राम मंदिर का विरोध करने वालों पर अयोध्या को लेकर उपदेश देने का आरोप भी लगाया।
मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं
योगी ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि अब प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा किनारे पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले विकास कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग गरीबों की जमीनों पर कब्जा करने में किया जाता था। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों के साथ श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा भी की।
नंद गोपाल गुप्ता नंदी बोले- अब उत्पाद से होती है यूपी की पहचान
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान और उसके प्रति लोगों की धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान ‘एक जिला, एक माफिया’ से होती थी, जबकि अब ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के जरिए राज्य को जाना जाता है।
नंदी ने दावा किया कि परिवारवाद और तुष्टीकरण की जगह बेहतर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास ने ली है। उन्होंने कहा कि विकास अब सैफई और रायबरेली तक सीमित नहीं है, बल्कि जिलों और गांवों तक पहुंच रहा है।
आशीष पटेल ने पारदर्शी भर्ती को बताया सरकार की पहचान
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सरकार के कामकाज पर मुहर लगाने का अवसर है। उन्होंने हाल में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि धांधली को लेकर कोई सवाल नहीं उठा। उनके मुताबिक, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सरकार की पहचान है।
सम्मेलन में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक मौजूद रहे।
Navyug Samachar
