Saturday , 17 October 2026

यूपी चुनाव 2027 में अमिताभ ठाकुर का बड़ा दांव! 100 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार, 45 को टिकट; दिव्या मित्तल और अलंकार अग्निहोत्री पर नजर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश में सियासी हलचल तेज होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच मुकाबले की तैयारियों के बीच अब छोटे राजनीतिक दल भी अपनी ताकत बढ़ाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की आजाद अधिकार सेना ने प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य रखा है। अमिताभ ठाकुर के मुताबिक, पार्टी अब तक 45 उम्मीदवारों को टिकट दे चुकी है। इसके साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल और पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को साथ लाने की कोशिश भी की जा रही है।

100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

अमिताभ ठाकुर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति साझा करते हुए कहा कि आजाद अधिकार सेना भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के साथ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी इसी विचारधारा के आधार पर प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी कर रही है।

उनके अनुसार, अब तक 45 प्रत्याशियों को टिकट दिया जा चुका है। इनमें वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट से संतोष मुरत भी शामिल हैं। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि जो लोग पार्टी की विचारधारा से सहमत हैं, वे इससे जुड़कर जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकते हैं।

दिव्या मित्तल और अलंकार अग्निहोत्री को साथ लाने की कोशिश

आजाद अधिकार सेना की चुनावी रणनीति केवल अपने उम्मीदवार उतारने तक सीमित नहीं है। पार्टी अन्य छोटे राजनीतिक दलों और चर्चित पूर्व अधिकारियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावनाएं भी तलाश रही है।

अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उनकी कोशिश पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री और पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरने की है। उनके मुताबिक, अलंकार अग्निहोत्री से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है, जबकि दिव्या मित्तल से अभी संपर्क नहीं हो सका है।

हालांकि, दोनों अधिकारियों के साथ चुनावी गठबंधन या मिलकर काम करने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। अमिताभ ठाकुर ने अन्य छोटे राजनीतिक दलों के साथ भी संभावित सहयोग के संकेत दिए हैं।

2022 के चुनाव में क्यों नहीं उतार सकी थी पार्टी उम्मीदवार?

अमिताभ ठाकुर के मुताबिक, आजाद अधिकार सेना वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसलिए उम्मीदवार नहीं उतार सकी थी, क्योंकि उस समय पार्टी पंजीकृत नहीं थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।

इस बार 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य रखा गया है और 45 उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की जानकारी दी गई है। पार्टी का उद्देश्य अपने प्रत्याशियों के जरिए प्रदेश की राजनीति में अपनी जगह बनाना और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को चुनावी मैदान में उठाना है।

क्या भाजपा और सपा के चुनावी समीकरण प्रभावित होंगे?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आजाद अधिकार सेना की सक्रियता ने छोटे राजनीतिक दलों की भूमिका को चर्चा में ला दिया है। 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा और 45 उम्मीदवारों को टिकट देने का दावा पार्टी की चुनावी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

दिव्या मित्तल और अलंकार अग्निहोत्री जैसे चर्चित पूर्व अधिकारियों को साथ लाने की कोशिश भी पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संभावित सहयोगियों के साथ कोई गठबंधन बन पाएगा या नहीं। चुनाव में आजाद अधिकार सेना कितनी प्रभावी भूमिका निभाएगी और उसके उम्मीदवार भाजपा तथा समाजवादी पार्टी के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करेंगे, यह आने वाले समय में सामने आएगा।

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