Saturday , 17 October 2026

यूपी के 26 देवी मंदिरों में आज से तीन दिन तक गूंजेंगे देवी गीत, 78 कलाकारों को मिलेगा मंच; महिला सुरक्षा का भी दिया जाएगा संदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तक 26 प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार की ओर से 17 से 19 अक्टूबर तक होने वाले इन आयोजनों में पारंपरिक देवी गीतों का गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया जाएगा।

देवी गीतों और दुर्गा सप्तशती के पाठ से भक्तिमय होगा माहौल

नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी के अवसर पर चयनित मंदिरों में पारंपरिक शैली में देवी गीत गाए जाएंगे। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। धार्मिक आस्था से जुड़े इन आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी।

78 स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर

प्रदेश सरकार की योजना के तहत प्रत्येक चयनित मंदिर में तीन स्थानीय कलाकारों को प्रस्तुति देने का मौका मिलेगा। इस तरह कुल 78 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें महिला कलाकारों को विशेष अवसर देने पर जोर रहेगा।

लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में 12 स्थानीय कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में तीन-तीन कलाकारों को मंच मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में भी तीन-तीन स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

धार्मिक आयोजनों के जरिए सामाजिक जागरूकता पर जोर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। सरकार की कोशिश है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों, खासकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा तथा कलाकारों की आजीविका को भी मदद मिलेगी।

इन जिलों के देवी मंदिरों में होंगे विशेष कार्यक्रम

मिशन शक्ति के तहत मीरजापुर के मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, वाराणसी के विशालाक्षी मंदिर और महालक्ष्मी देवी मंदिर, सोनभद्र के ज्वाला देवी मंदिर, सीतामढ़ी (भदोही) के सीता समाहित स्थल, प्रयागराज के अलोपशंकरी देवी और ललिता देवी मंदिर तथा कौशांबी के कड़ावासिनी मंदिर को आयोजन के लिए चुना गया है।

इसके अलावा बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर, सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर, सहारनपुर के शाकुंभरी देवी मंदिर, मथुरा के कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर के मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ के बेल्हा देवी मंदिर और उन्नाव के चंद्रिका देवी मंदिर में भी कार्यक्रम होंगे।

चयनित स्थलों में औरैया का देवकाली मंदिर, गोरखपुर का मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ का मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट का मां सिंह वाहिनी काली देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्तिपीठ, जालौन के कोंच स्थित बैरागढ़ माता मंदिर, घाटमपुर का कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा देवी मंदिर और लखनऊ के चंद्रिका देवी तथा संकटा देवी मंदिर भी शामिल हैं। इन सभी मंदिरों में सप्तमी से नवमी तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

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