Thursday , 22 October 2026

तिहाड़ से बाहर आते ही सौरव दास का बदला अंदाज! दाढ़ी वाला ‘न्यू लुक’ वायरल, जेल के अनुभव पर ऐसा जवाब सुनकर हंस पड़े लोग

नेशनल डेस्क: तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास अपने मजाकिया अंदाज और बदले हुए लुक को लेकर चर्चा में हैं। जेल से बाहर आते ही उनकी बढ़ी हुई दाढ़ी और बेबाक जवाबों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे जेल में बिताए दिनों के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। सौरव ने जेल के खाने से लेकर अपने नए लुक तक पर हल्के-फुल्के अंदाज में बात की।

जेल के खाने पर सौरव का जवाब, नए लुक पर भी की मजेदार टिप्पणी

तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद एक साक्षात्कार में सौरव दास से पूछा गया कि जेल की हवा खाकर आने के बाद उन्हें कैसा लग रहा है। इस सवाल पर उन्होंने हंसते हुए कहा, “जेल का दाल, रोटी, सब्जी सब खाकर आया हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि बाहर आकर बहुत अच्छा लग रहा है और अपनी पूरी टीम को साथ देखकर खुशी हो रही है।

इस दौरान सौरव की बढ़ी हुई दाढ़ी भी चर्चा का विषय रही। जब उनसे उनके बदले हुए हुलिए के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे अपना नया लुक बताया। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में सामने मौजूद लोगों से ही पूछ लिया कि उनका नया लुक कैसा लग रहा है। जेल से लौटने के बाद उनके इस अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है।

‘अंदर शीशा ही नहीं था’, खुद को देखकर खुश होने वाला जवाब चर्चा में

सौरव दास का एक और वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसमें एक व्यक्ति उनसे कहता है कि उन्हें देखकर बहुत खुशी हो रही है। इस पर सौरव ने तुरंत जवाब दिया, “मुझे भी मुझे देखकर बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि अंदर शीशा ही नहीं था।”

उनका यह जवाब जेल के भीतर शीशा नहीं होने की बात पर आधारित था। सौरव ने जेल में बिताए समय से जुड़े सवालों का जवाब गंभीरता के बजाय हंसी-मजाक के अंदाज में दिया। यही वजह है कि उनकी रिहाई के बाद सामने आए साक्षात्कार के वीडियो चर्चा में बने हुए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के विवाद में जेल पहुंचे थे सौरव दास और आशुतोष रांका

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना से जुड़े विवाद से संबंधित है। दोनों कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पैदा हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं रहने देने का फैसला किया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका पर वहां पहुंचकर प्रदर्शन करने की कोशिश करने और पहले दिए गए शांति बनाए रखने संबंधी बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगा। इसके बाद दोनों को हिरासत में लिया गया और 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई थी।

21 अक्टूबर को रिहाई का आदेश, लिखित आश्वासन भी देना पड़ा

21 अक्टूबर को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ऋतु राज ने सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया। रिहाई से पहले दोनों ने लिखित माफीनामा और शपथ पत्र देकर आश्वासन दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिया कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के तहत दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।

दोनों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानत बंधपत्र जमा करने का निर्देश भी दिया गया। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और दोनों को आगे की सुनवाई में उपस्थित होना होगा।

रिहाई के बाद वायरल हुए वीडियो, कानूनी मामला अब भी जारी

तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद सौरव दास के मजाकिया जवाब और बदले हुए लुक ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। जेल के अनुभव से जुड़े सवालों पर उनका बेबाक अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ा कानूनी मामला अभी जारी है। ऐसे में उनकी रिहाई के बाद सामने आए वीडियो के साथ-साथ इस मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

 

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