
नेशनल डेस्क: भारतीय सेना में सेवा देते हुए पति-पत्नी का एक साथ लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत होना गर्व और प्रेरणा की मिसाल बन गया है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के अमित सिंह चौहान और उनकी पत्नी राधिका जग्गी ने यह उपलब्धि हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों ने अपने सैन्य करियर में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अमित पर्वतारोहण अभियानों में अपनी उपलब्धियों के लिए पहचाने जाते हैं, जबकि राधिका ने प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय सैन्य सेवा और निशानेबाजी के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
दो बार माउंट एवरेस्ट पर फहरा चुके हैं तिरंगा
लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सिंह चौहान हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं और भारतीय सेना में कमांडो के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनकी उपलब्धियों में दो बार माउंट एवरेस्ट के पर्वतारोहण अभियानों में शामिल होना प्रमुख है। इन अभियानों के दौरान उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया।
इसके अलावा अमित ने दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा सहित कई कठिन पर्वत शिखरों पर भी सफल आरोहण किया है। उनकी इन उपलब्धियों को उनके साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से जोड़कर देखा जाता है।
प्रशिक्षण से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक राधिका ने निभाई अहम जिम्मेदारी
लेफ्टिनेंट कर्नल राधिका जग्गी ने भी अपने सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में प्रशिक्षक के रूप में काम किया और भावी सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण देने में योगदान दिया।
राधिका को संयुक्त राष्ट्र के तहत स्टाफ अधिकारी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिला। इसके साथ ही वह भारतीय सेना की पिस्टल शूटिंग टीम की सदस्य रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं।
हमीरपुर और टौणी देवी क्षेत्र में खुशी का माहौल
अमित सिंह चौहान और राधिका जग्गी की एक साथ पदोन्नति से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले और टौणी देवी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अमित के पिता रणजीत सिंह चौहान और माता जमना देवी ने बेटे और बहू की इस उपलब्धि को उनकी मेहनत तथा देश के प्रति समर्पण का परिणाम बताया है।
युवाओं और महिला सैन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा
अमित और राधिका की उपलब्धि को भारतीय सेना में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। खास तौर पर महिलाओं के लिए राधिका का सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त राष्ट्र में सेवा और निशानेबाजी का अनुभव महत्वपूर्ण उदाहरण है। दोनों की यात्रा यह दिखाती है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ देशसेवा के साझा संकल्प को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
Navyug Samachar