लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने राजनीतिक दलों से जनता के मुद्दों और विकास पर चर्चा करने की अपील की थी। रामगोपाल यादव ने कहा कि राजनीति में नेताओं को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए और गरीबी, बेरोजगारी तथा महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भाषा पर भी असहमति जताई।
‘राजनीति में विकास और जनता के मुद्दों पर हो बात’
मायावती ने हाल ही में राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की थी कि वे एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। उन्होंने राजनीति में बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए जनता की समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
रामगोपाल यादव ने मायावती के बयान पर सहमति जताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को विकास और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करनी चाहिए। उनके मुताबिक, नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
खड़गे की भाषा पर जताई असहमति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संदर्भ में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह उससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने नेताओं से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
यूपी में सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे पर क्या बोले?
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी रामगोपाल यादव से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे का फैसला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस को करना है। दूसरे लोग क्या कह रहे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने वर्ष 1992 में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए सीट बंटवारे का उदाहरण दिया। रामगोपाल यादव के मुताबिक, उस समय दोनों दलों के बीच 425 सीटों का बंटवारा महज 15 मिनट में हो गया था। जिन सीटों पर जिस पार्टी का ज्यादा समर्थन था, वहां उसे चुनाव लड़ने का अवसर दिया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे के लिए 2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, जिस सीट पर किसी पार्टी को अधिक वोट मिले थे, वहां उस पार्टी का दावा होना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी करने से किया इनकार
रामगोपाल यादव से राहुल गांधी के उस बयान को लेकर भी सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की बात कही थी। इस पर सपा नेता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह INDIA गठबंधन का आंदोलन है, इसलिए वह इस विषय पर कुछ नहीं कहना चाहते।
रामगोपाल यादव के इन बयानों में राजनीतिक दलों के बीच भाषा की मर्यादा बनाए रखने, जनता के मुद्दों पर चर्चा करने और उत्तर प्रदेश में संभावित सीट बंटवारे को लेकर उनकी राय सामने आई है।
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