यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू हो रही है। डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में आयोजित इस बैठक का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सुबह 11 बजे करेंगे। बैठक में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों की समीक्षा के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
विधान परिषद चुनाव में भाजपा को छह और समाजवादी पार्टी को पांच सीटों पर जीत मिली है। इन नतीजों के बाद पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने और क्षेत्रवार प्रदर्शन की समीक्षा करने की चुनौती है। ऐसे में कार्यसमिति की बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
MLC चुनाव के नतीजों पर होगा विशेष मंथन
हाल ही में विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम घोषित हुए हैं। इनमें भाजपा ने छह, जबकि समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। खास बात यह रही कि लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीटों पर समाजवादी पार्टी ने बाजी मारी।
इन परिणामों के बाद भाजपा संगठन में क्षेत्रवार समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी चुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा की बात कह चुके हैं। ऐसे में बैठक के दौरान शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच पार्टी की स्थिति, कमजोर क्षेत्रों और संगठन की कमियों पर चर्चा हो सकती है।
इस समीक्षा को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी यह समझने की कोशिश करेगी कि किन क्षेत्रों में संगठन को और सक्रिय करने तथा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की जरूरत है।
बूथ प्रबंधन से लेकर विपक्ष के मुद्दों तक बनेगी रणनीति
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। इसके अलावा पार्टी के अभियानों और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।
विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों, जातीय समीकरण, आरक्षण और युवाओं से जुड़े सवालों पर भी मंथन हो सकता है। पार्टी के सामने आगामी चुनाव में इन मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी।
बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। इसमें प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े विषयों को शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों और बूथों की पहचान पर भी चर्चा होगी, जहां पिछले चुनावों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।
करीब 2850 पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
दो दिवसीय बैठक में प्रदेशभर से करीब 2850 पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारी और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री शामिल होंगे।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी करेंगे। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और सह प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की भी बैठक में भागीदारी रहेगी।
दूसरे दिन योगी आदित्यनाथ करेंगे बैठक का समापन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित की जा रही है। पहले दिन उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। इसके बाद संगठनात्मक मुद्दों और आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी।
बैठक के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में सरकार के कामकाज, संगठन की भूमिका और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े विषयों पर दिशा मिलने की उम्मीद है।
एक तरफ भाजपा विधान परिषद चुनाव के नतीजों की समीक्षा करेगी, तो दूसरी तरफ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की जिम्मेदारियों और रणनीति पर मंथन होगा। ऐसे में लखनऊ में होने वाली इस बैठक को प्रदेश की आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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