नेशनल डेस्क: नई दिल्ली। दिनभर की व्यस्त दिनचर्या के चलते कई लोग रात का खाना काफी देर से खाते हैं। लेकिन देर रात भोजन करने की यह आदत सेहत पर भारी पड़ सकती है। एक नए शोध में सामने आया है कि रात 9 बजे के बाद भोजन करने से स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, सुबह जल्दी नाश्ता करने और रात का भोजन समय पर करने से हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भोजन करने के समय और हृदय रोगों के बीच संबंधों का विश्लेषण किया। इसके लिए न्यूट्रीनेट-सांटे समूह के 1,03,389 प्रतिभागियों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इनमें 79 प्रतिशत महिलाएं थीं और प्रतिभागियों की औसत आयु 42 वर्ष थी।
शोध में सामने आई अहम बातें
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने उम्र, लिंग, पारिवारिक स्थिति, खानपान की गुणवत्ता, जीवनशैली और नींद के चक्र जैसे कई कारकों को ध्यान में रखा, ताकि शोध के निष्कर्षों पर संभावित पूर्वाग्रह का प्रभाव कम किया जा सके।
शोध के नतीजों में पाया गया कि सुबह का नाश्ता छोड़ना और दिन का पहला भोजन देर से करना हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है। अध्ययन के मुताबिक, सुबह का पहला भोजन करने में हर एक घंटे की देरी के साथ हृदय रोग का खतरा 6 प्रतिशत बढ़ा हुआ पाया गया।
रात 9 बजे के बाद खाना खाने से स्ट्रोक का खतरा
शोध में रात के भोजन के समय को भी हृदय स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है। अध्ययन के अनुसार, रात 8 बजे से पहले भोजन करने वालों की तुलना में रात 9 बजे के बाद खाना खाने वालों में सेरेब्रोवास्कुलर बीमारियों, विशेष रूप से स्ट्रोक का खतरा 28 प्रतिशत अधिक पाया गया। यह संबंध खासतौर पर महिलाओं में देखा गया।
उदाहरण के तौर पर, सुबह 9 बजे दिन का पहला भोजन करने वाले व्यक्ति में सुबह 8 बजे नाश्ता करने वाले व्यक्ति की तुलना में हृदय रोग विकसित होने की आशंका 6 प्रतिशत अधिक पाई गई।
रात के उपवास की अवधि भी है महत्वपूर्ण
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि दिन के आखिरी भोजन और अगले दिन के पहले भोजन के बीच रात में उपवास की अवधि जितनी लंबी होती है, सेरेब्रोवास्कुलर बीमारियों का जोखिम उतना कम होने से जुड़ा पाया गया। यह निष्कर्ष सुबह और रात का भोजन अपेक्षाकृत जल्दी करने की आदत को बढ़ावा देने की बात सामने रखता है।
दुनियाभर में मौतों की प्रमुख वजह है हृदय रोग
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन के मुताबिक, हृदय संबंधी बीमारियां दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। वर्ष 2019 में इन बीमारियों के चलते 1.86 करोड़ लोगों की मौत हुई थी। इनमें करीब 79 लाख मौतों के लिए खानपान से जुड़े कारण जिम्मेदार बताए गए थे।
शोधकर्ताओं का कहना है कि भोजन का समय और खानपान की आदतें हृदय संबंधी बीमारियों के विकसित होने और उनके बढ़ने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। आधुनिक जीवनशैली के कारण देर रात भोजन करना और सुबह का नाश्ता छोड़ना आम आदत बनती जा रही है। ऐसे में रात का भोजन जल्दी करने, सुबह समय पर पहला भोजन लेने और रात में पर्याप्त समय तक उपवास रखने की आदत हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है।
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