
लखनऊ: नेशनल पीजी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित आकर्षक स्किट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 5 नवंबर को मोती महल स्थित शांति कुटीर में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 150 विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान सेंटर फॉर वोकेशनल एंड फ्यूचरिस्टिक स्टडीज (CVFS) की प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया।
स्किट और पुरस्कार वितरण रहा कार्यक्रम का खास आकर्षण
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषय पर स्किट प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुतियों के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। आयोजन में बी.वोक. ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी और हॉस्पिटल मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय कार्यशाला के साथ CVFS लैब का उद्घाटन
महाविद्यालय के सेंटर फॉर वोकेशनल एंड फ्यूचरिस्टिक स्टडीज एवं बी.वोक. विभाग की ओर से ‘Emerging Trends in Healthcare, Human Well-being and Sustainable Health Development’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसी अवसर पर CVFS लैब का उद्घाटन भी हुआ।
महाविद्यालय के प्रबंधक उज्ज्वल रमन सिंह और प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने फीता काटकर प्रयोगशाला का उद्घाटन किया और मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने की पहल
कार्यक्रम में CVFS संयोजक और बी.वोक. पाठ्यक्रम के मुख्य समन्वयक प्रो. पवन कुमार सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने केंद्र की शैक्षणिक गतिविधियों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
प्लेसमेंट और मेडिकल हब विकसित करने पर जोर
प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसलिए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कॉलेज ने कैस्पियन विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन किया है। भविष्य में किर्गिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ भी शैक्षणिक समझौते किए जाएंगे, जिससे कार्यक्रमों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने पैरामेडिकल विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर जोर देने के साथ मेडिकल हब विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में CVFS की सह-समन्वयक डॉ. ऋतु जैन सहित प्रो. ज्योति भार्गव, डॉ. दीक्षा, डॉ. आकृति कुमार, डॉ. निधि श्रीवास्तव, डॉ. मनीषा, डॉ. गगनदीप, डॉ. विकास, डॉ. ऋतुराज मिश्रा, डॉ. अपर्णा सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र, संतोष यादव, अनुराग श्री, नीरज श्री, शुभम और पवन भसीन समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रो. ज्योति भार्गव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
Navyug Samachar