Monday , 7 September 2026

NEET विवाद के बीच मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले- ‘नई पीढ़ी आदेश नहीं, हर सवाल का तर्कसंगत जवाब चाहती है’

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी केवल आदेश मानने वाली नहीं है, बल्कि हर बात पर सवाल करती है और उसे तर्क तथा संवाद के माध्यम से ही संतुष्ट किया जा सकता है। उन्होंने माता-पिता और समाज से युवाओं की जिज्ञासाओं का धैर्यपूर्वक समाधान करने की अपील की।

‘युगानुकूल मातृत्व’ सम्मेलन में रखे विचार

दिल्ली के आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘युगानुकूल मातृत्व’ सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं के साथ प्रभावी संवाद बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल उपदेश देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि युवाओं के प्रश्नों का तार्किक उत्तर देना होगा और अपने व्यवहार से उदाहरण प्रस्तुत करना होगा।

‘मां जीवन की पहली गुरु होती है’

संघ प्रमुख ने कहा कि समय और परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन मातृत्व के मूल मूल्य कभी नहीं बदलते। उनके अनुसार प्रेम, करुणा, संस्कार और संवेदनशीलता समाज की स्थायी नींव हैं। उन्होंने कहा कि मां व्यक्ति के जीवन की पहली गुरु होती है और जीवनभर उसे भावनात्मक संबल प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए भारतीय परिवार व्यवस्था और मातृत्व की भूमिका पर भी जोर दिया।

भारतीय संस्कृति पर भरोसा रखने की अपील

डॉ. भागवत ने लोगों से विदेशी जीवनशैली की अंधी नकल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता में एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है और समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बदलते समय के साथ स्वयं भी सीखते रहें, ताकि बच्चों को सही दिशा और नैतिक मार्गदर्शन दे सकें।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की रही भागीदारी

विश्वमांगल्य सभा द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में 280 प्रतिनिधि महिलाओं ने हिस्सा लिया, जबकि समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की 900 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति रही। आयोजन के लिए लगभग 2,000 से 2,500 महिलाओं ने पंजीकरण कराया था। संस्था के अनुसार, वर्ष 2026 में देश के 23 प्रांतों में आयोजित कार्यक्रमों में 37 हजार महिलाओं ने भाग लिया है। वर्तमान में संगठन 33 प्रांतों में सक्रिय है और इससे करीब छह लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। भारत के अलावा अमेरिका और नीदरलैंड समेत 14 देशों में भी इसकी गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

 

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