Monday , 5 October 2026

NEET विवाद पर अन्ना हजारे की एंट्री! छात्रों के समर्थन में 2 घंटे का मौन आंदोलन, पीएम मोदी को लिखा पत्र

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर जारी विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। गुरुवार को उन्होंने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास दो घंटे का मौन आंदोलन किया। यह मौन प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे समाप्त हुआ। आंदोलन के बाद अन्ना हजारे अपने गांव रालेगण सिद्धि लौट गए। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी।

पीएम मोदी को पत्र लिखकर जताई चिंता

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के असंतोष को केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज की पीड़ा और युवाओं की अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए, विश्वास का माहौल बनाया जाए और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान निकाला जाए।

मंत्री का नाम लिए बिना जवाबदेही पर उठाए सवाल

अपने पत्र में अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का नाम लिए बिना कहा कि यदि किसी मंत्री से इस्तीफा मांगा जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरती, बल्कि शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनती है। उन्होंने कहा कि जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

NEET अनियमितताओं और आत्महत्या की खबरों पर चिंता

रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए अन्ना हजारे ने अपने पत्र में लिखा कि NEET परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और गंभीर अनियमितताओं के आरोप पहले 2024 में और फिर 2026 में सामने आए। उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने के बाद 22 छात्रों की आत्महत्या की खबरों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने यह भी कहा कि जब भी किसी घोटाले या अनियमितता का मामला सामने आता है तो अक्सर पूरी जिम्मेदारी निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल दी जाती है, जबकि सकारात्मक उपलब्धियों का श्रेय सरकार स्वयं लेती है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध को कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनाने के बजाय सरकार को जवाबदेही के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- सरकार बातचीत के लिए तैयार

इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर से गुरुवार दोपहर तक चार बार बातचीत का प्रस्ताव दिया जा चुका है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील हैं और छात्रों से आग्रह किया कि वे बातचीत के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की शर्तों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार है।

 

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