Tuesday , 6 October 2026

दौड़ना शुरू करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, फिटनेस के साथ चोट से भी बचाएंगी एक्सपर्ट की सलाह

हेल्थ डेस्क : फिट रहने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए दौड़ना सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। सुबह या शाम पार्कों और सड़कों पर दौड़ते लोगों को देखकर कई लोग भी रनिंग शुरू करने का फैसला कर लेते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बिना तैयारी और सही जानकारी के दौड़ना शुरू करना कई बार फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

यदि आप भी फिटनेस के लिए रनिंग या भविष्य में मैराथन दौड़ने की योजना बना रहे हैं, तो शुरुआत से पहले शरीर की क्षमता, खानपान, स्वास्थ्य स्थिति और सही तकनीक पर ध्यान देना जरूरी है।

स्वस्थ आंतें बढ़ाती हैं रनिंग की क्षमता

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर की फिटनेस और ऊर्जा का सीधा संबंध आंतों के स्वास्थ्य से होता है। एक शोध में पाया गया है कि स्वस्थ माइक्रोबायोम शरीर में सूजन और तनाव को कम करने में मदद करता है। इससे दौड़ते समय ऊर्जा का बेहतर उपयोग होता है, मेटाबॉलिज्म मजबूत रहता है और शरीर लंबे समय तक सक्रिय बना रहता है।

इसी वजह से संतुलित आहार और आंतों को स्वस्थ रखने वाली खाद्य सामग्री को दैनिक भोजन में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

दौड़ने से बेहतर होती है शरीर की गतिशीलता

लगातार शारीरिक गतिविधि न करने से शरीर की गतिशीलता प्रभावित होने लगती है। इसका असर चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और दैनिक कार्यों पर भी पड़ सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि नियमित दौड़ने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शरीर का संतुलन बेहतर होता है और गतिशीलता में सुधार आता है। इससे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई शारीरिक समस्याओं का जोखिम भी कम हो सकता है।

इन बीमारियों में डॉक्टर की सलाह जरूरी

यदि किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, घुटनों या एड़ियों में दर्द अथवा गठिया जैसी समस्याएं हैं, तो रनिंग शुरू करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में दौड़ने के बजाय दूसरी शारीरिक गतिविधियां अधिक सुरक्षित और लाभकारी हो सकती हैं।

धीरे-धीरे करें शुरुआत

खेल चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, दौड़ने की शुरुआत सीधे लंबी दूरी से नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले सामान्य वॉक, फिर तेज चाल से चलना और उसके बाद हल्की जॉगिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

नियमित अभ्यास और सही प्रशिक्षण के जरिए शरीर धीरे-धीरे रनिंग के लिए तैयार होता है। इससे चोट लगने और अत्यधिक थकान का जोखिम भी कम रहता है।

मैराथन की तैयारी में लग सकता है समय

विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर को लंबी दूरी की दौड़ या मैराथन के लिए तैयार करने में कई महीने लग सकते हैं। यह अवधि व्यक्ति की फिटनेस, उम्र और नियमित अभ्यास पर निर्भर करती है।

हर सत्र से पहले वार्मअप और स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। वहीं दौड़ पूरी होने के बाद शरीर को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने के लिए कूल डाउन एक्सरसाइज भी करनी चाहिए।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

यदि दौड़ने के बाद घुटनों, एड़ियों, मांसपेशियों या शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द महसूस हो या दौड़ने की इच्छा कम होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में आराम या विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

संतुलित आहार है जरूरी

रनिंग करने वालों के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर भोजन महत्वपूर्ण माना जाता है। साबुत अनाज, दालें, मौसमी फल, हरी सब्जियां, कम वसा वाला दूध, दही, छाछ, टोफू, अंडे और मछली जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं।

हाइड्रेशन का रखें विशेष ध्यान

दौड़ते समय शरीर से पसीने के रूप में काफी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है।

रनिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

दौड़ने की शुरुआत हमेशा छोटे लक्ष्य के साथ करें और धीरे-धीरे दूरी तथा समय बढ़ाएं। उबड़-खाबड़ रास्तों की बजाय समतल सतह पर दौड़ना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा सही फिटिंग और कुशनिंग वाले जूतों का चयन भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलत जूते चोट और दर्द का कारण बन सकते हैं।

 

Check Also

देश में तेजी से बढ़ रही डायबिटीज और मानसिक तनाव की समस्या, हर 10 में करीब 4 लोगों में सामने आई चिंता

नई दिल्ली: देश में डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर हालिया हेल्थ …