Monday , 5 October 2026

15 अगस्त के भाषण से पहले PM मोदी से बड़ी मांग, अभिजीत दीपके बोले- युवाओं, बेरोजगारी और शिक्षा पर दें जवाब

नेशनल डेस्क: स्वतंत्रता दिवस से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 15 अगस्त के संबोधन में युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को लाल किले से देश को यह बताना चाहिए कि सरकार शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर क्या कदम उठा रही है। साथ ही उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में लोगों से ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील भी की है।

ऑनलाइन याचिका के समर्थन की अपील

अभिजीत दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर जारी संदेश में देशवासियों और युवाओं से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश यह जानना चाहता है कि युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर सरकार की क्या योजना है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन याचिका के माध्यम से अपनी सहमति दर्ज कराने का आग्रह किया और इसके लिए एक डिजिटल लिंक भी साझा किया।

बीजेपी को भागवत की सलाह मानने की नसीहत

दीपके ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों से सीख लेनी चाहिए। उनका कहना था कि भागवत ने विरोध-प्रदर्शन करने वाले ‘जेन-जी’ के युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं मानने की बात कही थी। दीपके ने दावा किया कि मौजूदा समय में बीजेपी और आरएसएस के बीच वैचारिक तालमेल की कमी दिखाई दे रही है और सत्ता पक्ष संघ प्रमुख की सलाह को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

नीट विवाद का भी किया जिक्र

मुंबई में मोहन भागवत के युवाओं के साथ संवाद के अगले दिन अभिजीत दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को संघ प्रमुख की उस राय पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसमें उन्होंने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को उचित बताया था। उन्होंने कहा कि नीट विवाद के बाद छात्रों में व्यापक असंतोष देखने को मिला और इसी मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।

भागवत ने क्या कहा था

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा था कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके इरादों पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाला कोई भी युवा केवल विरोध दर्ज कराने के कारण राष्ट्रविरोधी नहीं हो जाता। उन्होंने ‘जेन-जी’ और ‘जेन अल्फा’ पीढ़ी के युवाओं के साथ संवाद और उनकी बात सुनने पर भी जोर दिया।

युवाओं के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग

अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं के आक्रोश और उनकी न्यायसंगत मांगों की अनदेखी लोकतंत्र के हित में नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेंगे और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर ठोस पहल की घोषणा करेंगे।

 

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