
नेशनल डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों के बीच पेट्रोल और डीजल सस्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल देश में ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और 26 जून 2026 के लिए तेल कंपनियों ने पुराने रेट ही जारी रखे हैं।
डब्ल्यूटीआई क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, जबकि ब्रेंट क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में ईंधन कीमतों को लेकर राहत की उम्मीद फिर चर्चा में आ गई है।
क्रूड ऑयल सस्ता होने से क्यों बढ़ी उम्मीद?
वैश्विक बाजार में तेल कीमतों पर दबाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल में नरमी दर्ज की जा रही है। रूस की प्रमुख तेल कंपनी रोजनेफ्ट ने वैश्विक आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा रिफाइन करने की घोषणा की है, जिसके बाद बाजार में कीमतों पर असर देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट बनी रहती है तो इसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी आगे चलकर दिखाई दे सकता है।
फिलहाल क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े संकेत बताते हैं कि तेल कंपनियां अभी उन स्टॉक्स को प्रोसेस कर रही हैं जिन्हें पहले ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्ता हुआ कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचने और उससे तैयार ईंधन बाजार में आने में समय लगता है। यही वजह है कि क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद उपभोक्ताओं को तुरंत राहत नहीं मिल रही।
मई में चार बार बढ़े थे ईंधन के दाम
विधानसभा चुनावों के बाद मई 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार चरणों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को दाम बढ़ाए गए थे।
इसके बाद से अब तक कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
26 जून 2026: प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) | डीजल (रु./लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
तेल कंपनियों पर अब भी दबाव बरकरार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सरकारी तेल विपणन कंपनियों को अब भी पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 30 रुपये और डीजल पर लगभग 27 रुपये का नुकसान बताया गया है। इसी कारण तत्काल कीमतों में कटौती की संभावना सीमित मानी जा रही है।
हालांकि पहले की तुलना में नुकसान कम होने की बात कही जा रही है, जिससे आगे राहत का रास्ता खुल सकता है।
कब मिल सकती है राहत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं और वैश्विक तनाव नहीं बढ़ता, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
फिलहाल उपभोक्ताओं को कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है।
ऐसे जानें अपने शहर का ताजा रेट
पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। ग्राहक संबंधित तेल कंपनी की एसएमएस सेवा के जरिए अपने शहर का ताजा ईंधन मूल्य जान सकते हैं।
Navyug Samachar