
महाराष्ट्र डेस्क: पुणे जिले के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल और सहआरोपी चेतन चौधरी ने पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है। इसी बीच जांच के दौरान चेतन के एक करीबी दोस्त का नाम भी सामने आया है, जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि चेतन ने कथित तौर पर हत्या की पूरी योजना पहले ही अपने इस दोस्त को बताई थी।
शुक्रवार को पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान सिया और चेतन के बयानों में कई गंभीर विरोधाभास और विसंगतियां सामने आई थीं। इन्हीं तथ्यों की पुष्टि के लिए अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति मांगी गई थी।
सहमति नहीं मिलने से जांच को झटका
भारतीय कानून के तहत किसी भी आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं कराया जा सकता। इसी कानूनी प्रावधान के तहत दोनों आरोपियों ने टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। जांच एजेंसी इसे मामले की पड़ताल के लिए बड़ा झटका मान रही है, क्योंकि वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह सामने नहीं आया है।
डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर पुलिस का भरोसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसी के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त परिस्थितिजन्य और डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। जांच के दौरान सिया के घर से वारदात वाले दिन पहने गए कपड़े और एक अतिरिक्त छिपा हुआ मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मोबाइल डेटा और चैट की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर आपसी बातचीत में ‘सीक्रेट कोड वर्ड्स’ का इस्तेमाल कर रहे थे।
फिलहाल जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मिटाए गए डेटा को रिकवर कर कोड भाषा को समझा जाए, ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।
चेतन के दोस्त से लगातार पूछताछ
जांच के दौरान महाराष्ट्र के बीड जिले के रहने वाले एक युवक का नाम भी सामने आया है, जो पुणे के बालेवाड़ी इलाके में नौकरी करता है और चेतन का करीबी मित्र बताया जा रहा है। पुलिस अब उससे लगातार पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, चेतन ने कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ पहाड़ से धक्का देकर मारने की योजना पहले ही इस युवक को बता दी थी। इतना ही नहीं, 18 जून को वारदात वाले दिन उसे अपने साथ चलने के लिए भी कहा था। हालांकि युवक ने साथ जाने से इनकार कर दिया और चेतन को ऐसा कदम न उठाने की सख्त सलाह भी दी थी। इसके बावजूद चेतन अपनी योजना पर आगे बढ़ा।
वारदात के बाद भी दोस्त के पास पहुंचा था चेतन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने के बाद चेतन सीधे उसी युवक के पास पहुंचा था। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए युवक से लगातार पूछताछ कर रही है और उससे मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
Navyug Samachar