
नेशनल डेस्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी बीच जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रवेश द्वारों पर पुलिस द्वारा बैरियर लगाए जाने के बाद छात्रों ने कैंपस के भीतर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए CJP के समर्थन में नजर आए।
JNU के भीतर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
JNU के गेटों पर आवाजाही नियंत्रित किए जाने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर ही विरोध दर्ज कराया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पहले से सतर्क है।
हालांकि, विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों की संख्या, पुलिस की ओर से की गई विस्तृत कार्रवाई और सभी प्रवेश द्वारों की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा बढ़ी
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी चुनावी मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जता रही है। संगठन ने उनके इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि भीड़ को संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंचने से रोका जा सके।
SIR प्रक्रिया को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
CJP का विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
मेट्रो और रेल सेवाओं पर असर की जानकारी
प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, 55 से अधिक दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 45 स्टेशनों के बंद रहने का दावा किया गया है।
इसके अलावा कुछ रेल सेवाओं में कटौती और ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाए गए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और रेलवे की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।
इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक और अतिरिक्त सुरक्षा बल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद नई दिल्ली के एक निर्धारित क्षेत्र में अस्थायी रूप से इंटरनेट सेवाएं निलंबित रखने का आदेश जारी किया गया है। बताया गया है कि जनपथ–कर्तव्य पथ चौराहे के चार किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए हैं। हालांकि, इंटरनेट बंदी के दायरे और प्रभावित सेवाओं की अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
देशभर से प्रदर्शनकारियों को रोकने के आरोप
CJP और कुछ अन्य समूहों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को देश के अलग-अलग हिस्सों में रोका जा रहा है या हिरासत में लिया जा रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पार्टी का कहना है कि उसका विरोध चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ है। वहीं, दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा, JNU परिसर में शुरू हुआ विरोध और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
Navyug Samachar