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Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी आज, इन 3 राशियों के लिए अगले 4 महीने रह सकते हैं चुनौतीपूर्ण

धर्म डेस्क: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी आज, 25 जुलाई 2026, शनिवार को मनाई जा रही है। इसी के साथ चातुर्मास का भी शुभारंभ हो गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। वहीं, ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस बार देवशयनी एकादशी पर उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। हालांकि, तीन राशियों के जातकों के लिए आने वाले चार महीने कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।

कर्क राशि वालों को आर्थिक और पारिवारिक मामलों में बरतनी होगी सावधानी

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कर्क राशि के जातकों के लिए चातुर्मास के दौरान मानसिक तनाव और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखने में कठिनाई महसूस हो सकती है।

आर्थिक मामलों में किसी भी बड़े निवेश या जोखिम भरे फैसले से बचने की सलाह दी गई है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत के दौरान संयम रखना लाभदायक माना गया है।

उपाय के तौर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर माखन-मिश्री का भोग लगाने की सलाह दी गई है।

वृश्चिक राशि के जातकों को स्वास्थ्य और विवादों से रहना होगा सतर्क

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय स्वास्थ्य और पैतृक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ कार्यों में रुकावट आने की संभावना जताई गई है।

दफ्तर में किसी भी तरह के विवाद या बहस से बचने की सलाह दी गई है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में देरी हो सकती है। साथ ही खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकती है।

ज्योतिषीय उपाय के रूप में भगवान विष्णु के मंदिर जाकर पीली मिठाई या केसर का दान करना शुभ माना गया है।

धनु राशि वालों के लिए बढ़ सकते हैं खर्च

धनु राशि के जातकों के लिए चातुर्मास के दौरान आर्थिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। आमदनी की तुलना में खर्च बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है।

कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद की स्थिति बन सकती है। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान का कारण बन सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है।

उपाय के तौर पर केले के वृक्ष की पूजा कर उसमें जल और चना दाल अर्पित करने की सलाह दी गई है।

ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है यह आकलन

यह जानकारी ज्योतिषीय गणना और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जीवन में होने वाली घटनाएं व्यक्ति की कुंडली, दशा, कर्म और अन्य ज्योतिषीय कारकों पर भी निर्भर करती हैं।

 

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