
लखनऊ डेस्क : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सामने आए चर्चित मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले ओडिशा निवासी अभिषेक मिश्रा पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में युवतियों के मानसिक और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। गोवर्धन क्षेत्र से गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी ने कथित तौर पर अध्यात्म, धार्मिक प्रवचनों और भावनात्मक प्रभाव का इस्तेमाल कर युवतियों का विश्वास हासिल किया।
ऑनलाइन प्रवचनों से बनाई पहचान
पुलिस जांच के अनुसार अभिषेक मिश्रा ने वर्ष 2017 से 2021 के बीच आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उसने नौकरी की बजाय आध्यात्मिक गतिविधियों का रास्ता चुना और सोशल मीडिया समेत विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों पर धार्मिक विषयों पर प्रवचन देने शुरू किए।
जांच में सामने आया है कि आधुनिक शिक्षा और आध्यात्मिक विचारों का मिश्रण पेश कर वह युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। पुलिस का आरोप है कि इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह कुछ युवतियों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतता गया।
मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर लोगों को बनाता था निशाना?
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर ऐसी युवतियों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था जो किसी मानसिक, भावनात्मक या पारिवारिक तनाव से गुजर रही हों। पुलिस का दावा है कि पहले वह उन्हें आध्यात्मिक सलाह और मार्गदर्शन देता था, फिर धीरे-धीरे अपने समूह से जोड़ने का प्रयास करता था।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क और इसके कामकाज के तरीके की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने लोग इससे प्रभावित हुए।
‘गंधर्व विवाह’ का दावा और शोषण के आरोप
मामले ने गंभीर मोड़ तब लिया जब एक युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार आरोपी ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कथित रूप से यह विश्वास दिलाया कि उनका ‘गंधर्व विवाह’ हो चुका है। आरोप है कि इसी आधार पर उसने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरह की कथित गतिविधियों का शिकार अन्य युवतियां भी हुई हैं।
पहले भी विवादों में आ चुका था ठिकाना
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गोवर्धन स्थित यह केंद्र पहले भी विवादों में आ चुका था। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था, जिसके बाद काफी विवाद हुआ था। हालांकि उस समय मामला आगे नहीं बढ़ सका।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि एक समय यहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रहते थे, लेकिन बाद में कई लोगों ने वहां से दूरी बना ली।
आर्थिक लेन-देन भी जांच के घेरे में
मथुरा पुलिस अब केवल शोषण के आरोपों की ही जांच नहीं कर रही, बल्कि आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों को ऐसी जानकारियां मिली हैं कि समूह से जुड़े कुछ लोगों के माध्यम से उनके परिवारों से धन मंगवाया जाता था।
इसी कड़ी में पुलिस आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा आर्थिक तंत्र तो सक्रिय नहीं था।
मोबाइल, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की होगी फोरेंसिक जांच
पुलिस को जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।
मां ने भी छोड़ा था साथ, युवाओं की कराई जा रही काउंसलिंग
जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि शुरुआती दिनों में आरोपी की मां उसके साथ रहती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने वहां से दूरी बना ली थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो युवतियों और एक युवक को वहां से मुक्त कराया था। उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक उनकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की देखरेख में काउंसलिंग कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा सके।
Navyug Samachar