Monday , 5 October 2026

भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म, सरकार के बड़े आश्वासन के बाद बनी सहमति, MSP पर मूंग खरीद बढ़ेगी, ई-टोकन व्यवस्था भी खत्म

मध्य प्रदेश डेस्क: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई दिनों से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। सरकार ने भरोसा दिया है कि पहले से अधिक मात्रा में मूंग की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी। इसके साथ ही खाद वितरण से जुड़ी ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

इन मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे थे किसान

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान 100 प्रतिशत मूंग खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार और किसानों को समय पर उचित दर पर यूरिया उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई थी।

इन मांगों को लेकर नर्मदापुरम सहित आसपास के कई जिलों के किसान पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुंचे थे। राजधानी में वीर सावरकर सेतु के पास किसानों ने डेरा डाल रखा था और सरकार के साथ बातचीत का इंतजार कर रहे थे।

सरकार और किसानों के बीच बनी सहमति

सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक रही। किसानों की मांगों पर विचार के लिए गठित सरकारी समिति ने आंदोलनकारियों के साथ चर्चा की। बैठक में सरकार ने पहले से अधिक मात्रा में मूंग खरीदने का आश्वासन दिया। साथ ही खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला भी किया गया। सरकार ने किसानों की अन्य मांगों पर भी सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी।

बातचीत के लिए बनाई गई थी विशेष समिति

किसानों के आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही बातचीत के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था। समिति में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर और राकेश सिंह को शामिल किया गया था। समिति ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। उनके अनुसार सभी किसान संगठनों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

किसान आंदोलन और सरकार की ओर से गठित समिति को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेशभर से हजारों किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्वक भोपाल पहुंचे थे, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय समय टालने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि केवल समिति बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उमंग सिंघार ने सरकार से मूंग की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने, खाद वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों का ठोस समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पदयात्रा करना किसानों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को संवाद व संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उनके मुताबिक मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों की हर जायज मांग के साथ खड़ी है।

 

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