Tuesday , 29 September 2026

बृजभूषण सिंह को बरी करने के फैसले के खिलाफ फिर कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान, सेशन कोर्ट ने जारी किया नोटिस; 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई

दिल्ली डेस्क: महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को लेकर मामला एक बार फिर अदालत पहुंच गया है। ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को चार महिला पहलवानों ने चुनौती दी है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

3 अगस्त के फैसले को दी गई चुनौती

दरअसल, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया था। चार महिला पहलवानों ने इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट का रुख किया है। याचिका में दोनों आरोपियों के बरी होने के आदेश को चुनौती दी गई है।

महिला पहलवानों की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गवाहों और उपलब्ध सबूतों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। याचिका में कहा गया है कि छोटी और गैर-जरूरी गलतियों को आधार बनाकर पूरे मामले को खारिज कर दिया गया।

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दोनों आरोपियों को भेजा नोटिस

राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने सोमवार को चार महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के अलावा WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी नोटिस जारी किया है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। उस दौरान बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर आगे की सुनवाई होगी।

महिला पहलवानों ने लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप

बृजभूषण शरण सिंह और महिला पहलवानों से जुड़ा यह विवाद 2023 में सामने आया था। कई नामी महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, WFI कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और कथित यौन उत्पीड़न किया गया।

इस मामले में WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी सह-आरोपी बनाया गया था।

15 जून 2023 को दाखिल हुई थी चार्जशीट

महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 15 जून 2023 को पुलिस ने विभिन्न धाराओं में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़े आरोप तय किए थे।

याचिका में पुराने नजरिए से सबूत देखने का आरोप

महिला पहलवानों की याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का बरी करने वाला आदेश कानून की कसौटी पर टिकाऊ नहीं है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सबूतों का गलत और चुनिंदा तरीके से आकलन किया गया।

पहलवानों का कहना है कि आदेश में पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर पुराने रूढ़िवादी नजरिए को आधार बनाया गया। याचिका के मुताबिक, ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के समर्थन में मौजूद पूरी तस्वीर पर विचार करने के बजाय छोटी-छोटी विसंगतियों पर ज्यादा ध्यान दिया और इन्हीं आधारों पर मामले को खारिज कर दिया।

 

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