
स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में रनों की जबरदस्त बारिश देखने को मिली। रांची में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने 250 रन के लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए जीत दर्ज की। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज रहा। मैच के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर पिच को लेकर अपनी राय रखी और क्रिकेट में बल्ले तथा गेंद के बीच संतुलन की जरूरत बताई।
गंभीर बोले- क्रिकेट में बराबरी का मुकाबला जरूरी
रांची टी20 के बाद गौतम गंभीर ने कहा कि क्रिकेट में सिर्फ चौके और छक्कों का रोमांच ही जरूरी नहीं है, बल्कि बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच अच्छी टक्कर भी होनी चाहिए।
गंभीर ने कहा कि अगर दर्शक सिर्फ बड़े शॉट देखना चाहते हैं तो वह भी अच्छी बात है, लेकिन खेल में संतुलन होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला होगा तो क्रिकेट और बेहतर देखने को मिलेगा।
गेंदबाजों का बचाव करते हुए गंभीर ने कही बड़ी बात
भारतीय हेड कोच ने गेंदबाजों का समर्थन करते हुए कहा कि टीम में जगह बनाने वाले खिलाड़ी काफी मेहनत के बाद यहां तक पहुंचते हैं और उनका करियर भी दांव पर होता है।
गंभीर ने कहा कि ये गेंदबाज भारतीय टीम के ही खिलाड़ी हैं। ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है। इसलिए अगर मुकाबला बराबरी का होगा तो इससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा और क्रिकेट की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
हार के लिए पूरी तरह पिच को जिम्मेदार नहीं माना
गौतम गंभीर ने रांची मुकाबले में हार के लिए सिर्फ पिच और परिस्थितियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने माना कि ओस और सपाट पिच पर गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन टीम को ऐसी परिस्थितियों में भी विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने का तरीका निकालना होगा।
उन्होंने कहा कि जब विरोधी टीम ने शुरुआत में ही दो विकेट गंवा दिए थे और पावरप्ले में तीन विकेट खो दिए थे, तब भी उन्हें दबाव बनाने का मौका था। ऐसे हालात में बेहतर रणनीति के साथ वापसी की कोशिश करनी होगी।
मयंक यादव की तेज गेंदबाजी से खुश हुए गंभीर
गौतम गंभीर ने तेज गेंदबाज मयंक यादव के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। मयंक ने मुकाबले में तीन विकेट लेकर भारतीय टीम को शुरुआती सफलता दिलाई। उन्होंने 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी की और रोवमैन पॉवेल को 149.5 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गेंद पर बोल्ड किया।
गंभीर ने कहा कि मयंक एक तेज गेंदबाज हैं और उन्हें अपनी ताकत के अनुसार गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक सकता है तो उसे उसी अंदाज में गेंदबाजी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मयंक ने यही किया और इसी वजह से वह सफल रहे।
Navyug Samachar