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पेपर लीक पर सरकार का सबसे बड़ा एक्शन! 10 करोड़ तक जुर्माना, 10 साल की जेल और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्लान

नेशनल डेस्क: नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार कानून को और अधिक कठोर बनाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद संकेत मिले हैं कि संसद में जल्द ही ऐसा विधेयक लाया जा सकता है, जिसमें पेपर लीक और संगठित परीक्षा धांधली में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होगा। सरकार का उद्देश्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना और छात्रों का भरोसा बहाल करना है।

मौजूदा कानून में हो सकते हैं बड़े बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ को और अधिक सख्त बनाने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश में कड़े कदमों की घोषणा के बाद संभावना जताई गई है कि कानून में संशोधन और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से जुड़े प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जा सकती है।

10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, संगठित तरीके से पेपर लीक या परीक्षा धांधली में शामिल दोषियों के लिए सजा को और कठोर बनाया जा सकता है। प्रस्तावित संशोधन के तहत ऐसे मामलों में कम से कम 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं, धांधली में शामिल संस्थानों या संबंधित लोगों पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है।

फिलहाल लागू कानून में ऐसे अपराधों के लिए 3 से 5 वर्ष तक की सजा और अधिकतम 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, इन मामलों को गैर-जमानती श्रेणी में रखने की व्यवस्था भी प्रस्तावित बताई जा रही है, ताकि आरोपियों को आसानी से जमानत न मिल सके।

पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में वर्षों तक सुनवाई लंबित रहने के बजाय तय समय सीमा के भीतर फैसला होना चाहिए, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।

इसी क्रम में दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक और परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। अदालत के आदेश के अनुसार, विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा इन मामलों की सुनवाई करेंगी और संबंधित सभी नए मामले इसी अदालत में भेजे जाएंगे।

संसद में जल्द आ सकता है नया विधेयक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला विधेयक संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप देगा और सरकार विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। दोषियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल पुनर्परीक्षा कराकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन सहित आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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