Saturday , 3 October 2026

हाईवे पर गाड़ी खराब हुई तो नहीं फंसेंगे बीच रास्ते! NHAI का बड़ा प्लान, हर 20-25 KM पर मिलेगी रिपेयर सुविधा

नेशनल डेस्क : देशभर में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों ने लंबी दूरी की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। लेकिन सफर के दौरान अचानक टायर पंक्चर होना या वाहन में तकनीकी खराबी आ जाना अब भी यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बना रहता है। खासकर सुनसान इलाकों और रात के समय ऐसी स्थिति परेशानी और सुरक्षा दोनों का कारण बन जाती है। अब इसी समस्या के समाधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।

नई योजना के तहत हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हर 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर वाहन मरम्मत और पंक्चर सहायता केंद्र विकसित किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को मौके पर ही जरूरी तकनीकी सहायता मिल सके।

हर 20-25 किलोमीटर पर बनेंगे सहायता केंद्र

नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर वे-साइड सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इन केंद्रों पर वाहन चालकों को पंक्चर रिपेयर, टायर बदलने और सामान्य तकनीकी समस्याओं को दूर करने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वाहन के खराब होने पर यात्रियों को लंबे समय तक सड़क पर इंतजार न करना पड़े और उन्हें जल्दी सहायता मिल सके।

सिर्फ पंक्चर नहीं, छोटी तकनीकी खराबी भी होगी ठीक

इन सहायता केंद्रों को केवल टायर रिपेयर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना के अनुसार वाहन की सामान्य मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल समस्याओं को भी मौके पर ही ठीक करने की व्यवस्था होगी।

बैटरी डिस्चार्ज होना, इंजन का अधिक गर्म होना, फ्यूज खराब होना या अन्य सामान्य तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए प्रशिक्षित मैकेनिक, जरूरी उपकरण और आवश्यक स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है।

इससे यात्रियों को टोइंग सेवा बुलाने या नजदीकी शहर तक वाहन ले जाने की मजबूरी कम हो सकती है।

24 घंटे मिल सकती है सुविधा

इस पूरी व्यवस्था को चौबीसों घंटे संचालित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। यदि योजना पूरी तरह लागू होती है तो रात में सफर करने वाले लोगों को भी तुरंत सहायता मिल सकेगी।

रात के समय हाईवे पर वाहन खराब होना अक्सर सुरक्षा जोखिम बढ़ा देता है। ऐसे में चौबीसों घंटे उपलब्ध रिपेयर सेवाएं यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकती हैं।

आधुनिक मशीनों से लैस होंगी वर्कशॉप

वे-साइड सुविधाओं के तहत बनने वाली वर्कशॉप्स में आधुनिक उपकरण लगाने की योजना है। इनमें ऑटोमैटिक एयर फिलिंग मशीन, टायर बदलने वाली मशीनें, व्हील बैलेंसिंग उपकरण और बेसिक डायग्नोस्टिक सिस्टम शामिल किए जा सकते हैं।

इसका उद्देश्य यात्रियों को तेज और बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है ताकि छोटे कामों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।

हाईवे यात्रा को और सुरक्षित बनाने की तैयारी

बीते कुछ वर्षों में सड़क ढांचे के विस्तार के साथ अब यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर तकनीकी सहायता मिलने से सड़क किनारे खराब वाहनों की संख्या कम हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम भी घटेगा।

इसके साथ ही यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचाने में मदद मिल सकती है।

पहले से मौजूद हैं आपातकालीन सुविधाएं

वर्तमान में कई एक्सप्रेसवे और हाईवे पर एम्बुलेंस, क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। अब वाहन मरम्मत और पंक्चर सहायता केंद्र जुड़ने से हाईवे सहायता प्रणाली को और मजबूत करने की तैयारी है।

यात्री जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क कर सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं।

 

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