Monday , 5 October 2026

इबोला संकट से निपटने में भारत का बड़ा कदम, अफ्रीका CDC को भेजी 43 टन मेडिकल सहायता की दूसरी खेप

नेशनल डेस्क : इबोला के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत ने मंगलवार को अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Africa CDC) को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेजी है। इस सहायता में सुरक्षा उपकरण, जांच और निगरानी से जुड़े साधन, दवाइयां और पोषण सप्लीमेंट शामिल हैं। कुल 43 टन की यह खेप अफ्रीकी देशों की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने और इबोला से निपटने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से भेजी गई है।

भारत ने दोहराई वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने अफ्रीका CDC को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेजी है। उन्होंने बताया कि इस खेप में जरूरी मेडिकल उपकरण, सुरक्षा किट, दवाइयां और पोषण सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत का विश्वास है कि यह सहायता अफ्रीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ इबोला से मुकाबले की क्षमता को भी बढ़ाएगी।

पहले भी भेजी जा चुकी है मेडिकल सहायता

यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने अफ्रीका की मदद के लिए कदम बढ़ाया हो। इससे पहले 24 मई को भी भारत ने अफ्रीका CDC को आपातकालीन चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी थी। भारत सरकार ने 29 मई को यह भी स्पष्ट किया था कि वह इबोला से प्रभावित देशों को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी और वैश्विक स्वास्थ्य संकट से निपटने में सहयोग जारी रहेगा।

अफ्रीका CDC ने जताया भारत का आभार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफ्रीका CDC ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला प्रकोप से निपटने के लिए भारत द्वारा दी गई सहायता का स्वागत किया है। संस्था ने इस संकट की घड़ी में भारत के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया है। इससे पहले भी भारत की ओर से भेजी गई मेडिकल सहायता को अफ्रीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को मजबूत करने में अहम माना गया है।

इबोला को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। इबोला एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित शारीरिक द्रव, दूषित वस्तुओं या संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलती है। इसके लक्षणों में बुखार, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक एवं बाहरी रक्तस्राव शामिल हैं। ऐसे हालात में भारत की यह सहायता वैश्विक स्तर पर राहत प्रयासों को मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

हाल के वर्षों में भारत ने अफ्रीकी देशों को चिकित्सा सहायता, दवाइयों और टीकों की आपूर्ति लगातार बढ़ाई है। विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। इबोला संकट के बीच भेजी गई यह नई खेप एक बार फिर भारत की ‘वैश्विक स्वास्थ्य सहयोगी’ भूमिका को मजबूत करती है।

 

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