Monday , 5 October 2026

भारतीय सेना को मिला नया प्रमुख! जनरल धीरज सेठ ने संभाली कमान, जनरल उपेंद्र द्विवेदी को दी गई विदाई

नई दिल्ली: 12 लाख से अधिक सैनिकों वाली भारतीय थलसेना को नया सेना प्रमुख मिल गया है। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को भारतीय सेना के प्रमुख (आर्मी चीफ) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल पूरा होने के बाद आयोजित आधिकारिक समारोह में उन्हें सेना की कमान सौंपी गई।

पदभार हस्तांतरण से पहले जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक के लॉन में उन्हें औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना के नेतृत्व को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि जनरल धीरज सेठ एक अनुभवी और सक्षम सैन्य अधिकारी हैं, जिनके नेतृत्व में सेना नई उपलब्धियां हासिल करेगी।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जताया भरोसा

कमान सौंपते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, उच्च पेशेवर मानकों और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेना भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

करीब 28 साल बाद आर्मर्ड कोर से बना सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ इससे पहले वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को यह जिम्मेदारी संभाली थी। भारतीय सेना को लगभग 28 वर्षों बाद आर्मर्ड कोर से नया सेना प्रमुख मिला है। इससे पहले वर्ष 1997 में 20 लांसर्स के जनरल शंकर रॉय चौधरी सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

चार दशक का समृद्ध सैन्य अनुभव

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। लगभग 40 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में नेतृत्व किया।

उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान संभाली, वहीं जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स का भी नेतृत्व किया। लेफ्टिनेंट जनरल बनने के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों एवं रणनीतिक दायित्वों का नेतृत्व किया।

पश्चिमी सीमा पर दो बड़ी कमानों का नेतृत्व

जनरल धीरज सेठ ने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के संचालन में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी सेवाएं दीं।

पश्चिमी सीमा पर दो प्रमुख ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व करना उनके सैन्य करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल माना जाता है।

रणनीतिक योजना और सेना के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका

ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के अलावा जनरल सेठ ने सेना मुख्यालय और विभिन्न रणनीतिक पदों पर भी कार्य किया। उन्होंने सेना की क्षमता विकास, आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक रणनीतिक योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भारतीय सेना की लॉन्ग टर्म इंटीग्रेटेड पर्सपेक्टिव प्लान और आधुनिकीकरण रोडमैप तैयार करने में उनकी भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से सम्मानित

जनरल धीरज सेठ ने अपने सैन्य प्रशिक्षण और पेशेवर करियर में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में ‘बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर’ का सम्मान हासिल किया।

उन्होंने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज और फ्रांस की राजधानी पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स भी पूरा किया है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं।

 

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