Monday , 5 October 2026

JPSC-JSSC CGL Protest: ‘CM से ही बात करेंगे’, मंत्रियों से बातचीत के प्रस्ताव पर भड़के छात्र, 10 अगस्त के महाघेराव पर टिकी नजर

झारखंड डेस्क: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सरकार की ओर से बातचीत की कवायद शुरू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट नहीं हैं। छात्रों ने साफ कहा है कि वे किसी मंत्री या अधिकारी के साथ औपचारिक बैठक नहीं चाहते, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत करना चाहते हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मांगें पहले से स्पष्ट हैं। ऐसे में बातचीत के लिए अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल बनाने या बैठक को टालने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी मांग रखी है कि बातचीत बंद कमरे में न होकर खुले मैदान में हो। साथ ही पूरी वार्ता की वीडियो रिकॉर्डिंग और मीडिया की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

‘मंत्रियों से नहीं, CM से बात चाहिए’

प्रदर्शनकारी छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बातचीत के लिए कितने छात्र जाएंगे, यह मुख्य मुद्दा नहीं है। उनके मुताबिक असली सवाल छात्रों की मांगों के समाधान का है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों की मांगें एक जैसी हैं और सरकार को उन पर स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने भी सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच किसी तरह का गुट या बंटवारा नहीं है। उनके मुताबिक आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में बापू वाटिका से हुई थी और तब से छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं।

प्रेम ने दावा किया कि छात्रों को लगातार यह जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री के बजाय उनके मंत्रियों के साथ बातचीत कराई जाएगी। इसी को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से खुद छात्रों के बीच आकर बातचीत करने की अपील की।

बंद कमरे की बातचीत पर भी सवाल

छात्रों ने बातचीत के स्तर के साथ-साथ उसके तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि वार्ता बंद कमरे में नहीं होनी चाहिए। छात्रों के मुताबिक बातचीत खुले मैदान में हो, मीडिया को मौजूद रहने दिया जाए और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और इसका असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। प्रेम ने कहा कि डॉक्टर पानी पीने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा में स्वास्थ्य की कीमत चुका रहे हैं।

बीजेपी ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर बीजेपी ने भी झारखंड सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव को देखते हुए सरकार दबाव में है।

प्रतुल शाह देव के मुताबिक छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने पहले ही स्पष्ट कर दी हैं। इनमें परीक्षा रद्द करना, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना और टीडीपीएल के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करना प्रमुख मांगें हैं।

10 अगस्त के महाघेराव पर नजर

छात्रों के आंदोलन के बीच 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव पर अब सबकी नजर है। छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के प्रस्ताव के बीच गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

 

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