
क्राइम डेस्क : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए दावे और अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। शुरुआत में जिस घटना को लोहागढ़ किले से गिरने के कारण हुई मौत माना गया था, अब पुलिस इसे सुनियोजित हत्या की आशंका के तौर पर जांच रही है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को डिजिटल और तकनीकी सबूतों के जरिए जोड़ने में जुटी हैं।
जांच में चेतन की भूमिका पर फोकस, साजिश के दावे की पड़ताल
पुलिस जांच के अनुसार, मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि कथित तौर पर मई महीने से लोहागढ़ किले की रेकी की गई थी। आरोप है कि घटना स्थल का चयन पहले से किया गया और पूरे घटनाक्रम की योजना बनाई गई।
18 जून की घटना के बाद बदला जांच का रुख
जानकारी के अनुसार, 18 जून को केतन और सिया लोहागढ़ किले पहुंचे थे। शुरुआती स्तर पर इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान कई ऐसे बिंदु सामने आए, जिनके बाद पुलिस ने मामले को अलग एंगल से देखना शुरू किया। इसके बाद सिया और चेतन से पूछताछ की गई और जांच तेज कर दी गई।
मोबाइल से डिलीट चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर मोबाइल फोन से चैट और कॉल रिकॉर्ड हटाए गए थे। दोनों के फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में किस तरह की बातचीत हुई और क्या डिजिटल सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
दुकान कर्मचारी बना जांच का अहम गवाह
जांच के दौरान चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाला नीरज कुमार एक महत्वपूर्ण गवाह के रूप में सामने आया है। आरोप है कि घटना वाले दिन लोकेशन छिपाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन आपस में बदलने की कोशिश की गई।
बताया जा रहा है कि चेतन ने नीरज का फोन अपने पास रखा, जबकि नीरज दूसरे फोन का उपयोग करता रहा ताकि लोकेशन को लेकर भ्रम बनाया जा सके। हालांकि तकनीकी जांच में संबंधित मोबाइल की लोकेशन लोहागढ़ क्षेत्र में मिली, जिससे पुलिस का शक और गहरा हुआ।
सीसीटीवी फुटेज से जुड़े कई सवाल
पुलिस के मुताबिक, 18 जून के सीसीटीवी फुटेज में कई गतिविधियां जांच के दायरे में आई हैं। फुटेज के आधार पर यह जांच की जा रही है कि घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था और वहां कितनी देर तक रुका।
जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ गतिविधियां सामान्य नहीं दिखीं और अब डिजिटल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ पूरे घटनाक्रम को जोड़ा जा रहा है।
31 मई की यात्रा भी जांच के दायरे में
जांच में यह भी दावा सामने आया है कि 31 मई को भी सिया और केतन लोहागढ़ किले गए थे। पुलिस इस यात्रा से जुड़े घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। कुछ दावों और परिस्थितियों की पुष्टि उपलब्ध सबूतों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर की जा रही है।
Navyug Samachar